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Budget से पहले पंजाब सरकार ने किसानों से जुड़ी इन मांगों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र

पंजाब सरकार ने आगामी केंद्रीय बजट के लिए कई मांगें रखी हैं, जो 1 फरवरी को पेश किया जाएगा. पत्र में फसल विविधीकरण के लिए एक विशेष बजट, बिजली क्षेत्र में सुधारों के लिए अतिरिक्त 0.5 प्रतिशत उधार भत्ता,

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Pooja Rai·Correspondent·31 Jan 2025· 3 min read

Budget से पहले पंजाब सरकार ने किसानों से जुड़ी इन मांगों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र

Budget से पहले पंजाब सरकार ने किसानों से जुड़ी इन मांगों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र

पंजाब सरकार ने आगामी केंद्रीय बजट के लिए कई मांगें रखी हैं, जो 1 फरवरी को पेश किया जाएगा. पत्र में फसल विविधीकरण के लिए एक विशेष बजट, बिजली क्षेत्र में सुधारों के लिए अतिरिक्त 0.5 प्रतिशत उधार भत्ता, 2,000 करोड़ रुपये का वार्षिक प्रोत्साहन के बारे में लिखा गया है. इसमें धान की पराली न जलाने वाले किसानों के लिए, और ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ) के लिए मुआवजा भी शामिल है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अपने केंद्रीय समकक्ष निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर केंद्रीय बजट से पहले अपनी मांगें रखी हैं. इसमें कहा गया है कि यदि पंजाब 10 लाख हेक्टेयर में धान से वैकल्पिक फसलों का विविधीकरण हासिल कर सकता है, तो इससे सालाना लगभग 60 से 70 लाख मीट्रिक टन चावल की कमी हो सकती है. इस बदलाव से 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की पर्याप्त बचत हो सकती है. विविधीकरण से केंद्र को चावल की खरीद लागत में प्रति किलोग्राम 40 रुपये, उर्वरक सब्सिडी में 1,300 करोड़ रुपये और बिजली सब्सिडी में राज्य के लिए सालाना 1,500 करोड़ रुपये की कमी करके लगभग 28,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है.

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वित्त मंत्री चीमा ने पत्र में लिखा है कि अगर इस बचत का 20 प्रतिशत भी एक व्यापक विविधीकरण पैकेज के लिए आवंटित किया गया था, तो इसके अत्यधिक सफल परिणाम मिलने की संभावना है. मतलब कि भारत सरकार से धान विविधीकरण के लिए एक विशेष बजट आवंटित करने का अनुरोध किया गया है, जिसे पंजाब सरकार विविधीकरण से अर्जित बचत का उपयोग करके पूरा कर सकती है.

धान की पराली को आग न लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहन
सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) के लिए प्रति एकड़ 2,000 रुपये की भी मांग की है. राज्य ने मांग की है कि केंद्र द्वारा प्रति एकड़ 2,000 रुपये दिए जाएं जबकि राज्य द्वारा प्रति एकड़ 500 रुपये का भुगतान किया जाएगा. पत्र में कहा गया है कि इस पहल की कुल लागत 2,000 करोड़ रुपये अनुमानित है, भारत सरकार से बजटीय सहायता के रूप में 1,600 करोड़ रुपये प्रदान करने का अनुरोध किया गया है, जबकि शेष 400 करोड़ रुपये राज्य द्वारा वहन किया जाएगा. धान की पराली जलाना पंजाब में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो दिल्ली में प्रदूषण में योगदान देता है.

बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए 0.5 %अतिरिक्त ऋण की मांग
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ पंजाब सरकार ने 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर बिजली क्षेत्र में सुधारों के लिए 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण की भी मांग की है. बजट में पंजाब को केंद्र से जो उम्मीदें हैं, उनमें चीमा ने बिजली क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है. उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए उन्होंने 24 दिसंबर को सीतारमण को पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अतिरिक्त कर्ज के मानदंड बदले जाने चाहिए.

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