खेती अब सिर्फ खेत और मौसम पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसमें तकनीक का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। अब किसान मोबाइल के जरिए मौसम की जानकारी ले रहे हैं, मंडी के भाव देख रहे हैं और फसल में बीमारी लगने पर विशेषज्ञों से सलाह भी ले रहे हैं। इसी दिशा में बिहार सरकार ने ‘बिहार कृषि’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप में किसानों को खेती से जुड़ी कई जरूरी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी।
ऐप में खेती से जुड़ी कई जानकारियां
‘बिहार कृषि’ ऐप को खास तौर पर बिहार के किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके जरिए किसान मौसम, मंडी भाव, सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, फसल में लगने वाले कीट और रोग जैसी कई जरूरी जानकारियां अपने मोबाइल पर देख सकेंगे।
कृषि विशेषज्ञों से वीडियो कॉल पर बात
अगर किसान की फसल में कोई बीमारी या कीट लग गया है और उसे समझ नहीं आ रहा कि क्या करना है, तो वह ऐप के जरिए कृषि विशेषज्ञों से वीडियो कॉल या चैट पर सलाह ले सकेगा।
इसके अलावा किसान सिंचाई सब्सिडी, बीज वितरण और कृषि उपकरणों पर मिलने वाले अनुदान जैसी योजनाओं के लिए भी ऐप के जरिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन कहां तक पहुंचा और उसकी स्थिति क्या है, इसकी जानकारी भी ऐप पर मिल सकेगी।
डिजिटल पासबुक
ऐप की एक खास सुविधा डिजिटल पासबुक है। यह बैंक पासबुक की तरह काम करेगी। इसमें किसान को मिलने वाले सरकारी लाभ, अनुदान और भुगतान की जानकारी दर्ज होगी।
इसके साथ ही किसान अपने आवेदन की स्थिति और योजना के तहत मिली मंजूरी का विवरण भी देख सकेगा। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं से जुड़े अपने रिकॉर्ड को समझने में आसानी होगी।
मंडी में फसल बेचने से पहले देख सकेंगे भाव
किसानों के लिए मंडी भाव की जानकारी भी काफी अहम है। ‘बिहार कृषि’ ऐप पर कृषि मंडियों के बाजार भाव की जानकारी उपलब्ध होगी। किसान धान, गेहूं, मक्का, सब्जियों और दूसरी फसलों के भाव देखकर यह तय कर सकेंगे कि उन्हें अपनी उपज कब और कहां बेचनी है।
मौसम का अलर्ट भी मिलेगा
मौसम में अचानक बदलाव से किसानों की फसल को नुकसान हो सकता है। ऐसे में ऐप के जरिए किसानों को बारिश, ओलावृष्टि और तूफान जैसी मौसम संबंधी जानकारी और अलर्ट मिलने की सुविधा होगी।
इससे किसान खराब मौसम की जानकारी पहले लेकर फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी तैयारी कर सकेंगे।
Soil Health Card भी ऐप पर
किसान अपने Soil Health Card की जानकारी भी ऐप पर देख सकेंगे। मिट्टी की सेहत के आधार पर उन्हें उर्वरक और फसल चक्र से जुड़ी सलाह मिलने की सुविधा होगी। इससे किसान अपनी जमीन के हिसाब से फसल और खाद की बेहतर योजना बना सकेंगे।
बिहार कृषि रेडियो से सीख सकेंगे नई तकनीक
ऐप में ‘बिहार कृषि रेडियो’ का फीचर भी दिया गया है। इसके जरिए किसान आधुनिक खेती के तरीकों, सरकारी योजनाओं और सफल किसानों की कहानियों के बारे में जानकारी ले सकेंगे।
इसके अलावा खेती की नई तकनीकों से जुड़े ट्यूटोरियल वीडियो भी ऐप पर उपलब्ध होंगे, जिन्हें किसान अपनी सुविधा के अनुसार देख सकते हैं।
हिंदी और भोजपुरी में मिलेगी जानकारी
बिहार के किसानों के लिए इस ऐप की एक खास बात यह है कि इसमें जानकारी हिंदी और भोजपुरी में उपलब्ध होगी। इससे किसानों के लिए ऐप को समझना और इस्तेमाल करना आसान होगा।
Android और iOS पर मुफ्त डाउनलोड
‘बिहार कृषि’ ऐप को किसान Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार नंबर, मोबाइल नंबर और जिला-प्रखंड से जुड़ी जानकारी देनी होगी।





