बिहार में गंगा और दूसरी नदियों के बढ़े जलस्तर से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। खेतों में कई दिनों से पानी भरा है और बड़ी संख्या में किसानों की फसलें पानी में डूब गई हैं। खासकर केला और मक्का की फसल को भारी नुकसान बताया जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को बिहार पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अधिकारियों के साथ हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
10 दिन से पानी में डूबी फसलें
बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस बार कई जगहों पर पानी का स्तर 2016 की बाढ़ से भी करीब एक फीट ज्यादा पहुंच गया है। उनके मुताबिक, 10 दिन से ज्यादा समय तक खेतों में पानी भरा रहने से केला और मक्का की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ से करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। कई लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। मकानों और पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है।

किसानों की फसल बर्बाद
बाढ़ के कारण किसानों की मेहनत और फसल को हुए नुकसान को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार नुकसान का आकलन करेंगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अभी केंद्र और राज्य के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देख रहे हैं। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल बिहार भेजा जाएगा।
यह टीम कृषि फसलों के साथ-साथ सड़क, पुल, मकान और पशुधन को हुए नुकसान का भी जायजा लेगी। राज्य सरकार की ओर से नुकसान की रिपोर्ट और प्रस्ताव भेजे जाने के बाद केंद्र से मदद देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रभावित परिवारों को 7 हजार रुपये की मदद
बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रति परिवार 7,000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसके अलावा प्रभावित इलाकों में नाव के जरिए डॉक्टरों और मेडिकल टीमों को भेजा जा रहा है। लोगों को दवाइयां, पीने का साफ पानी, सूखा राशन और गर्म खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन लोगों के घरों में पानी भर गया है, उनके लिए राहत शिविर बनाए गए हैं।

नाव और ट्रैक्टर से गांवों तक पहुंचे मंत्री
बाढ़ की स्थिति देखने के लिए शिवराज सिंह चौहान हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने मोटरबोट और नाव से जलमग्न घरों और खेतों को देखा। कुछ जगहों पर ट्रैक्टर से भी प्रभावित इलाकों तक पहुंचे।
मुंगेर में उन्होंने नवागढ़ी राहत शिविर और कोजीकरैया बांध का निरीक्षण किया। इसके बाद भागलपुर में राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
केंद्र सरकार की टीम बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें किसानों की फसल का नुकसान भी शामिल होगा। इसके आधार पर राज्य सरकार की ओर से केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा और उसके बाद राहत और पुनर्वास के लिए आगे की सहायता दी जाएगी।





