Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

Auri Grow India ने लॉन्च किया CarbonKrishi, जानें ये है क्या?

Auri Grow India ने CarbonKrishi लॉन्च किया है, एक AI आधारित कार्बन क्रेडिट प्लेटफ़ॉर्म। इसका मकसद किसानों को टिकाऊ खेती के तरीकों से एक्स्ट्रा इनकम देना और कंपनी के लिए रेवेन्यू के नए मौके बनाना है।प्

NP

Pooja Rai· Correspondent

7 जनवरी 2026· 2 min read

Auri Grow India ने लॉन्च किया CarbonKrishi, जानें ये है क्या?

Auri Grow India ने लॉन्च किया CarbonKrishi, जानें ये है क्या?

Auri Grow India ने CarbonKrishi लॉन्च किया है, एक AI आधारित कार्बन क्रेडिट प्लेटफ़ॉर्म। इसका मकसद किसानों को टिकाऊ खेती के तरीकों से एक्स्ट्रा इनकम देना और कंपनी के लिए रेवेन्यू के नए मौके बनाना है।प्लेटफ़ॉर्म में AI, सैटेलाइट इमेजरी और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल होगा और सालाना ₹16–50 करोड़ के कार्बन क्रेडिट उत्पन्न होने का अनुमान है।

एग्री-टेक और एक्सपोर्ट कंपनी Auri Grow India ने CarbonKrishi नाम का नया प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है। यह AI आधारित कार्बन क्रेडिट प्लेटफ़ॉर्म है और कंपनी के लिए कार्बन क्रेडिट और ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) क्षेत्र में कदम रखने का अहम प्रयास माना जा रहा है।

1 लाख किसानों को प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ना लक्ष्य
इस पहल के तहत कंपनी का लक्ष्य है लगभग 1 लाख किसानों को प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ना, जिससे सालाना ₹16–50 करोड़ के कार्बन क्रेडिट उत्पन्न होने की संभावना है।CarbonKrishi किसानों के लिए नई आय का स्रोत बन सकता है और कंपनी के लिए भी तकनीक और स्थिरता के जरिए नए, बढ़ते हुए व्यवसाय के अवसर खोल सकता है।

AI एनालिटिक्स का इस्तेमाल
प्लेटफ़ॉर्म में AI एनालिटिक्स, सैटेलाइट इमेजरी, फसल और मिट्टी का डेटा और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि हर खेत के कार्बन इम्पैक्ट का सही अनुमान लगाया जा सके।कंपनी के अनुसार, अगर प्लेटफ़ॉर्म की कमीशन हिस्सेदारी 20–30% मानी जाए, तो इससे सालाना लगभग ₹3–10 करोड़ की आमदनी होने की संभावना है।

ये भी पढ़ें - हिमाचल में Farmer ID अनिवार्य, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

सस्टेनेबल फार्मिंग पर फोकस
कंपनी के डायरेक्टर के मुताबिक CarbonKrishi का उद्देश्य किसानों को सस्टेनेबल और क्लाइमेट-पॉजिटिव खेती अपनाकर अतिरिक्त आय हासिल करने में मदद करना है। साथ ही, कंपनी के लिए भी लंबे समय तक चलने वाला, कम निवेश वाला व्यवसाय बनाना है।कंपनी AI, डेटा एनालिटिक्स और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त वेरिफिकेशन फ्रेमवर्क का इस्तेमाल करके भारतीय कृषि को वैश्विक कार्बन क्रेडिट सिस्टम से जोड़ने का प्रयास कर रही है।

ये देखें -

NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min