News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. 11 महीनों में धान की खरीद 4% बढ़ी, सरकार बेचने की तैयारी में
एग्री बुलेटिन

11 महीनों में धान की खरीद 4% बढ़ी, सरकार बेचने की तैयारी में

भारत में 2024-25 सीजन में धान-चावल की सरकारी खरीद 545.22 लाख टन पहुंच गई, जो पिछले साल से 4% ज्यादा है। पंजाब, छत्तीसगढ़, तेलंगाना जैसे राज्यों से सबसे ज्यादा योगदान रहा। सरकार के पास ज़रूरत से ज्यादा

NP

Pooja Rai·Correspondent·03 Sep 2025· 3 min read

11 महीनों में धान की खरीद 4% बढ़ी, सरकार बेचने की तैयारी में

11 महीनों में धान की खरीद 4% बढ़ी, सरकार बेचने की तैयारी में

भारत में 2024-25 सीजन में धान-चावल की सरकारी खरीद 545.22 लाख टन पहुंच गई, जो पिछले साल से 4% ज्यादा है। पंजाब, छत्तीसगढ़, तेलंगाना जैसे राज्यों से सबसे ज्यादा योगदान रहा। सरकार के पास ज़रूरत से ज्यादा स्टॉक जमा हो गया है, इसलिए एफसीआई ने इसे बाजार और डिस्टिलरी को बेचने की योजना बनाई है। इससे किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं सभी को लाभ होने की उम्मीद है।

भारत में मार्केटिंग सीजन 2024-25 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान धान-चावल की सरकारी खरीद ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 31 अगस्त तक 545.22 लाख टन चावल खरीदा गया, जो पिछले साल से लगभग 4% ज्यादा है। पिछले साल इसी समय तक 525.22 लाख टन खरीदा गया था। अब सरकार इस अतिरिक्त अनाज को बाजार में बेचने की तैयारी कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक इस साल खरीदे गए चावल में से 474 लाख टन खरीफ सीजन से और 71 लाख टन रबी सीजन से आया है। खरीफ का लक्ष्य 511.57 लाख टन और रबी का 73.23 लाख टन रखा गया था।

राज्यों से खरीद के आंकड़े
तमिलनाडु में 28.26 लाख टन चावल खरीदा गया, जो लक्ष्य से थोड़ा ज्यादा है।
तेलंगाना में पिछले साल 63.86 लाख टन के मुकाबले इस बार 71.25 लाख टन खरीद हुई, जो लक्ष्य से अधिक है।
पंजाब से सबसे ज्यादा 116.13 लाख टन धान खरीदा गया।
आंध्र प्रदेश से कुल 25.60 लाख टन और
ओडिशा से 50.12 लाख टन चावल खरीदा गया।
पश्चिम बंगाल से 19.91 लाख टन,
बिहार से 26.28 लाख टन,
मध्य प्रदेश से 29.16 लाख टन और
हरियाणा से 36.17 लाख टन चावल की खरीद हुई।
छत्तीसगढ़ में इस बार 78 लाख टन खरीद हुई, जबकि पिछले साल 83 लाख टन खरीदी गई थी।

ये भी पढ़ें - MSP पर कपास बेचना अब होगा आसान, केंद्र सरकार ने लॉन्च किया “कपास किसान” एप

सरकार के पास कितना स्टॉक
1 अगस्त तक सरकार के पास लगभग 380 लाख टन चावल और 213.52 लाख टन धान (143 लाख टन चावल के बराबर) स्टॉक में था। जबकि, सरकारी योजनाओं (जैसे पीडीएस) के लिए सालाना करीब 410 लाख टन चावल की ज़रूरत होती है। कई राज्यों में किसानों से धान एमएसपी से ज्यादा भाव पर खरीदा गया। किसानों को करीब 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का दाम मिला, जबकि इस साल (2025-26) का आधिकारिक एमएसपी 2,389 रुपये/क्विंटल तय किया गया है।

अतिरिक्त स्टॉक बेचने की योजना
अतिरिक्त स्टॉक निकालने के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने नया नियम बनाया है। अब व्यापारी सीधे डिपो से 1 से 9 टन तक चावल खरीद सकते हैं। इसकी कीमत 2,800 रुपये प्रति क्विंटल रखी गई है। यह सुविधा उन राज्यों में दी जाएगी, जहां चावल की खपत ज्यादा है। इसके अलावा, सरकार ने 52 लाख टन चावल डिस्टिलरी को इथेनॉल बनाने के लिए बेचने का फैसला किया है। इसकी बिक्री नवंबर 2025 से शुरू होगी।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— 11 महीनों में धान की खरीद 4% बढ़ी, सरकार बेचने की तैयारी में

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsFCIkheti kisaniNews Potlipunjabrice procurementखेती किसानीधान की खरीद
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs