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सभी उर्वरकों पर 5% GST की मांग, उर्वरक उद्योग ने बजट से पहले रखी बड़ी मांग

उर्वरक कंपनियों ने बजट से पहले मांग की है कि सभी उर्वरकों पर 5% जीएसटी लगे, फंसा हुआ जीएसटी रिफंड जल्दी मिले और वन नेशन–वन लाइसेंस लागू हो, ताकि लागत घटे और किसानों को बेहतर फायदा मिले।

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Pooja Rai· Correspondent

12 जनवरी 2026· 2 min read

सभी उर्वरकों पर 5% GST की मांग, उर्वरक उद्योग ने बजट से पहले रखी बड़ी मांग

सभी उर्वरकों पर 5% GST की मांग, उर्वरक उद्योग ने बजट से पहले रखी बड़ी मांग

उर्वरक कंपनियों ने बजट से पहले मांग की है कि सभी उर्वरकों पर 5% जीएसटी लगे, फंसा हुआ जीएसटी रिफंड जल्दी मिले और वन नेशन–वन लाइसेंस लागू हो, ताकि लागत घटे और किसानों को बेहतर फायदा मिले।

भारतीय माइक्रो-फर्टिलाइज़र मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सभी उर्वरकों पर एक समान 5% जीएसटी लागू किया जाए, जो फर्टिलाइज़र कंट्रोल ऑर्डर (FCO) के तहत आते हैं। साथ ही, कंपनियों को अतिरिक्त जीएसटी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) की जल्दी रिफंड मिले और वन नेशन–वन लाइसेंस सिस्टम लागू किया जाए।

GST 2.0 में और सुधार की जरूरत
बिज़नेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक एसोसिएशन का कहना है कि भले ही GST 2.0 एक बड़ा सुधार है और कुछ उर्वरकों पर टैक्स 12% से घटकर 5% हुआ है, लेकिन अब दिक्कत यह है कि कच्चे माल और सेवाओं पर टैक्स ज्यादा है, जबकि तैयार उर्वरक पर कम। इससे कंपनियों का पैसा जीएसटी रिफंड में फंस जाता है और कामकाज के लिए नकदी की कमी हो जाती है।

ये भी पढ़ें - देश की 73% खाद ज़रूरत स्वदेशी उत्पादन से पूरी: सरकार

वन नेशन–वन लाइसेंस की माँग
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मिर्चंदानी ने कहा कि अगर जीएसटी रिफंड समय पर मिल जाए, तो कंपनियां बेहतर गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और किसानों तक पहुंच बढ़ाने में निवेश कर सकेंगी।
इसके अलावा, एसोसिएशन ने वन नेशन–वन लाइसेंस की मांग की है, ताकि हर राज्य और जिले में अलग-अलग लाइसेंस लेने की जरूरत न पड़े। इसके लिए एक डिजिटल पोर्टल बनाने का सुझाव दिया गया है, जिससे लाइसेंस प्रक्रिया तेज और आसान हो सके।उनका कहना है कि इससे कंपनियों की लागत घटेगी और किसानों को अच्छी गुणवत्ता के उर्वरक जल्दी और आसानी से मिल पाएंगे।

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