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लीची की पैदावार 48 घंटे में खराब ना हो, इसके लिए ठोस शोध और प्रयास होंगे– कृषि मंत्री चौहान

‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ को लेकर देशभर के किसानों में उत्साह जारी है। इसी कड़ी में आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ओडिशा, जम्मू, हरियाणा, उत्तर-प्रदेश के किसानों से मिलने

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Pooja Rai· Correspondent

2 जून 2025· 3 min read

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लीची की पैदावार 48 घंटे में खराब ना हो, इसके लिए ठोस शोध और प्रयास होंगे– कृषि मंत्री चौहान

लीची की पैदावार 48 घंटे में खराब ना हो, इसके लिए ठोस शोध और प्रयास होंगे– कृषि मंत्री चौहान

‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ को लेकर देशभर के किसानों में उत्साह जारी है। इसी कड़ी में आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ओडिशा, जम्मू, हरियाणा, उत्तर-प्रदेश के किसानों से मिलने के बाद आज अभियान के पांचवें दिन बिहार, पूर्वी चम्पारण के पीपराकोठी में किसानों से संवाद किया।

इस दौरान शिवराज सिंह ने कहा कि कृषि मंत्री का मतलब होता है किसानों का पहला सेवक। उन्होंने आज लीची की पैदावार करने वाले किसानों से संवाद भी किया। उन्होंने संबोधन के दौरान कहा कि लीची के किसानों ने मुझसे समस्या साझा की है। लीची के जल्दी खराब होने की प्रवृत्ति के कारण पैदावार को 48 घंटों के भीतर बेचना होता है, जिस कारण कभी—कभी कम दाम मिलते है। इस समस्या को दूर करने के लिए हम कदम उठाएंगे। इस संबंध में मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों से शोध करने और ऐसी तकनीकों को अपनाने का निर्देश दिया जिससे लीची जल्दी खराब न हो, और किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके। इस दिशा में कोल्ड स्टोरेज की संख्या में वृद्धि की भी बात कही।

मक्के की खेती में हो रहा तेजी से इजाफा
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री की कारगर नीतियों के फलस्वरुप बिहार में मक्के की खेती में तेजी से इजाफा हो रहा है। मक्के का प्रयोग अब इथेनॉल में भी होने लगा है। पहले 1200 से 1500 रुपये के बीच प्रति क्विंटल मक्का बिकता था। इथेनॉल के कारण मक्के के दाम में वृद्धि हुई है। पहले जहां मक्का प्रति हेक्टेयर 23 से 24 क्विंटल था वही बढ़कर अब 50 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया है।

ये भी पढ़ें - खरीफ प्याज की खेती के लिए लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान दे रही है बिहार सरकार, इन जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन

चावल की दो नई किस्मों के बारे में बताया
शिवराज सिंह ने बासमती के साथ-साथ चावल की अन्य किस्मों में भी उत्पादन वृद्धि के लिए वैज्ञानिकों को शोध करने एवं उन्नत किस्म के बीज विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिहार में किसानों के पास छोटे-छोटे खेत है लेकिन इसके बावजूद बिहार के किसान धरती से सोना उगा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में चावल की दो नई किस्मों के विकसित किए जाने की भी जानकारी दी और बताया कि शोध के जरिए ऐसे दो नई किस्मों का निर्माण किया गया है जिसमें पानी भी 20 प्रतिशत कम लगेगा और उत्पादन 30 प्रतिशत बढ़ जाएगा।

और क्या कहा?
शिवराज सिंह ने कहा कि नकली कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं जा रहे हैं। नकली कीटनाशक बनाने वालों के प्रति सख्त कार्रवाई की जाएगी, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्पादन कैसे बढ़े बिहार का चिड़वा कैसे विदेशों में निर्यात हो इसके लिए भी योजना बनाई जाएगी। कहा कि ‘अन्नदाता सुखी भव:’ ही सब कुछ है, देश का अन्नदाता सुखी हो जाएगा तो देश भी सुखी हो जाएगा। पूर्वी चम्पारण से सांसद राधा मोहन सिंह सहित, विधायक, वैज्ञानिक, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में किसान कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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