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रेशम उद्योग के विकास के लिए 4,679.85 करोड़ रुपये खर्च, लाभार्थियों में 55-60 प्रतिशत महिलाएं शामिल: सरकार

सरकार केन्द्रीय रेशम बोर्ड के माध्यम से 100 करोड़ रुपये के लागत के साथ रेशम समग्र-2 योजना का परिपालन कर रही है। देश भर में रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए 4,679.85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया ह

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Pooja Rai· Correspondent

1 अप्रैल 2025· 3 min read

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रेशम उद्योग के विकास के लिए 4,679.85 करोड़ रुपये खर्च,  लाभार्थियों में 55-60 प्रतिशत महिलाएं शामिल: सरकार

रेशम उद्योग के विकास के लिए 4,679.85 करोड़ रुपये खर्च, लाभार्थियों में 55-60 प्रतिशत महिलाएं शामिल: सरकार

सरकार केन्द्रीय रेशम बोर्ड के माध्यम से 100 करोड़ रुपये के लागत के साथ रेशम समग्र-2 योजना का परिपालन कर रही है। देश भर में रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए 4,679.85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें महिला लाभार्थियों की लगभग 55-60 प्रतिशत भागीदारी शामिल है। यह जानकारी आज राज्य सभा में एक प्रश्न के उत्तर में वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने दी।

संसद में उन्होंने बताया कि रेशम समग्र, रेशम समग्र-2 और पूर्वोत्तर क्षेत्र वस्त्र संवर्धन योजना (एनईआरटीपीएस) जैसी केंद्रीय योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं, जिनमें महिलाओं सहित रेशम उत्पादन हितधारकों के लाभार्थी-केंद्रित घटकों के लिए राज्यों के माध्यम से विस्तारित सहायता, प्रशिक्षण और समर्थन दिया जाता है।मंत्री ने बताया कि वस्त्र मंत्रालय ने रेशम सहित वस्त्र के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल विकास और उन्नयन के लिए समर्थ योजना लागू की है। वर्ष 2021-22 से अब तक समर्थ योजना के तहत महिलाओं सहित 7,985 लाभार्थियों को रेशम उत्पादन क्षेत्र में प्रशिक्षित किया गया है।

रेशम समग्र-2 योजना क्या है?
सरकार ने रेशम समग्र-2 योजना के माध्यम से देश में रेशम उद्योग के विकास तथा रेशम किसानों और बुनकरों की उत्पादकता और रोजगार बढ़ाने के लिए सहायता प्रदान की है। अब तक इस योजना के अंतर्गत लाभकारी उपायों के कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकारों को 1,074.94 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है, जिससे लगभग 78,000 लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं।

इसके अलावा, राष्ट्रीय हथकरघा विकास योजना के माध्यम से रेशम हथकरघा श्रमिकों सहित हथकरघा बुनकरों को सहायता प्रदान की जाती है तथा हथकरघा विभाग द्वारा कार्यान्वित योजना के तहत कच्चे माल की आपूर्ति की जाती है।

ये भी पढ़ें - देश के इन राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, IMD का अनुमान इस क्षेत्र में बढ़ेगा तापमान

रेशम समग्र-2 योजना का उद्देश्य
वर्तमान में चल रही रेशम समग्र-2 योजना का मुख्य उद्देश्य रेशम क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है। रेशम समग्र-2 योजना के अंतर्गत उठाए गए कदमों का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मानक के बाइवोल्टाइन रेशम का उत्पादन बढ़ाना तथा रेशम निर्यात को बढ़ावा देना है।

सरकार का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास, अनुसंधान और विकास तथा बाजारों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करते हुए बहुआयामी रणनीति के माध्यम से भारत को रेशम उत्पादन और निर्यात में वैश्विक अग्रज के रूप में स्थापित करना है।

रेशम क्षेत्र में 80.90 लाख व्यक्ति को रोज़गार मिला
मंत्री ने बताया कि जनवरी वर्ष 2025 तक कच्चे रेशम उत्पादन के अनुसार रेशम क्षेत्र में अनुमानित रोजगार सृजन 80.90 लाख व्यक्ति है, जिसमें 71.2 लाख व्यक्ति को प्रत्यक्ष रोजगार में और 9.7 लाख व्यक्ति को अप्रत्यक्ष रोजगार में है।
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कच्चे रेशम उत्पादन का अनुमानित लक्ष्य और वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जनवरी- वर्ष 2025 तक वास्तविक उत्पादन (राज्य सरकारों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर) और वित्त वर्ष 2014-15 की इसी अवधि का विवरण है।

अवधिवित्त वर्ष 2024-25 वास्तविक(जनवरी- वर्ष 2025 तक)वित्त वर्ष 2014-15 वास्तविक आंकड़े(जनवरी- वर्ष 2015 तक)

कच्चा रेशम उत्पादन (एमटी)34,04224,299

*वर्तमान में, आंकड़े जनवरी, 2025 तक उपलब्ध है

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