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राष्ट्रीय रबी सम्मेलन से बनेगी रबी सीज़न की रणनीति, 3 अक्टूबर से शुरू होगा विकसित कृषि संकल्प अभियान का दूसरा चरण

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का दूसरा चरण 3 से 18 अक्टूबर तक रबी फसलों के लिए चलाया जाएगा। इसके पहले 15-16 सितंबर को दिल्ली के पूसा में राष्ट्रीय रब

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Pooja Rai· Correspondent

14 सितंबर 2025· 2 min read

राष्ट्रीय रबी सम्मेलन से बनेगी रबी सीज़न की रणनीति, 3 अक्टूबर से शुरू होगा विकसित कृषि संकल्प अभियान का दूसरा चरण

राष्ट्रीय रबी सम्मेलन से बनेगी रबी सीज़न की रणनीति, 3 अक्टूबर से शुरू होगा विकसित कृषि संकल्प अभियान का दूसरा चरण

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का दूसरा चरण 3 से 18 अक्टूबर तक रबी फसलों के लिए चलाया जाएगा। इसके पहले 15-16 सितंबर को दिल्ली के पूसा में राष्ट्रीय रबी सम्मेलन होगा, जिसमें राज्यों के कृषि मंत्री, अधिकारी और वैज्ञानिक शामिल होकर मिट्टी की सेहत, बीज-उर्वरक, दलहन-तिलहन उत्पादन और किसानों तक तकनीक पहुँचाने पर चर्चा करेंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में सरकार जल्द ही ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का दूसरा चरण शुरू करने जा रही है। यह अभियान रबी फसलों पर केंद्रित होगा और 3 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2025 तक पूरे देश में चलेगा।

अभियान से पहले 15 और 16 सितंबर को दिल्ली के पूसा में राष्ट्रीय रबी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस बार पहली बार यह सम्मेलन दो दिन का होगा। इसमें सभी राज्यों के कृषि मंत्री, अधिकारी, वैज्ञानिक और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के विशेषज्ञ शामिल होंगे। यहां रबी सीज़न की तैयारियों, नई तकनीक, बीज और किसानों तक सही जानकारी पहुँचाने के तरीकों पर चर्चा होगी।

ये हैं अहम मुद्दे
सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा, जैसे मिट्टी की सेहत सुधारना, संतुलित उर्वरक उपयोग, दलहन-तिलहन की पैदावार बढ़ाना, प्राकृतिक खेती, बागवानी का विस्तार और किसानों तक तकनीक पहुँचाने में कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका। इसके अलावा मौसम पूर्वानुमान, उर्वरक आपूर्ति और सफल कृषि मॉडल भी साझा किए जाएंगे।

ये भी पढ़ें - मध्यप्रदेश, राजस्थान और यूपी के 1.21 लाख किसानों को मिलेगा अफीम खेती का लाइसेंस

किसानों तक सीधी पहुँच बनाना मकसद
इस अभियान का मकसद किसानों तक सीधी पहुँच बनाना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लैब टू लैंड’ विज़न को पूरा करना है। पिछले खरीफ सीज़न में पहले चरण के दौरान वैज्ञानिकों की 2,170 टीमें गांव-गांव जाकर किसानों से मिली थीं, उनकी समस्याएँ सुनी थीं और समाधान भी दिए थे। उस पहल को किसानों से जबरदस्त समर्थन मिला था।

अब उम्मीद है कि रबी सीज़न के लिए होने वाला यह दूसरा चरण भी किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और खेती और भी टिकाऊ और लाभकारी बनेगी।

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