Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन का आयोजन, बीज गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन का आयोजन, बीज गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

बिहार के मखाना उत्पादन को और मजबूत बनाने के लिए कृषि विभाग ने “राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन” का आयोजन किया। इसमें बीज की गुणवत्ता बढ़ाने, क्लस्टर आधारित खेती, मशीनों की उपलब्धता और मखाना मजदूरों को ले

NP

Pooja Rai· Correspondent

23 दिसंबर 2025· 3 min read

agriculture newsbiharbihar agriculture news
राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन का आयोजन, बीज गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन का आयोजन, बीज गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

बिहार के मखाना उत्पादन को और मजबूत बनाने के लिए कृषि विभाग ने “राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन” का आयोजन किया। इसमें बीज की गुणवत्ता बढ़ाने, क्लस्टर आधारित खेती, मशीनों की उपलब्धता और मखाना मजदूरों को लेबर कार्ड देने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन के जरिए किसानों व उद्यमियों की आय बढ़ाने के लिए साझा रणनीति पर सहमति बनी।

बिहार का मखाना अब सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में एक सुपर फूड के रूप में पहचान बना चुका है। इसी वजह से बिहार आज मखाना उत्पादन में देश का सबसे बड़ा राज्य बन गया है।

इसी कड़ी में सोमवार को कृषि विभाग ने पटना के कृषि भवन में “राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन” कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका मकसद बिहार में मखाना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया—खेती से लेकर बिक्री तक—को मजबूत, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना था।
कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि मखाना के बीज उत्पादन को बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता सुधारने पर खास ध्यान देना जरूरी है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि मखाना की खेती को क्लस्टर आधारित तरीके से विकसित किया जाए, ताकि किसानों को ज्यादा फायदा मिल सके।

मखाना मजदूरों को मिलेगा लेबर कार्ड
प्रधान सचिव ने बताया कि मखाना खेती और प्रसंस्करण में काम करने वाले मजदूरों के लिए जल्द ही लेबर कार्ड की व्यवस्था की जाएगी। इससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

ये भी पढ़ें - बिहार के गन्ना किसानों को बड़ी राहत, गुड़ उत्पादन इकाई लगाने पर 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान

बीज और मशीन समय पर उपलब्ध कराने पर जोर
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि मखाना के अच्छे और शुद्ध बीज समय पर किसानों तक पहुंचें। बीज की पहचान और रिकॉर्ड रखने (ट्रेसबिलिटी) की भी व्यवस्था होगी। इसके अलावा मखाना पॉपिंग और प्रेसिंग के लिए छोटी और उपयोगी मशीनें किसानों और प्रसंस्करण इकाइयों को उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

मखाना विकास के लिए मिलकर काम करने पर सहमति
बैठक में तय हुआ कि मखाना के उत्पादन, शोध, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, बिक्री, निर्यात और मशीनों के उपयोग को लेकर सभी विभाग और संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।साथ ही पीएमकेएसवाई, एनएचबी, एनएनएम, मुख्यमंत्री महिला स्वरोजगार योजना, मखाना विकास योजना, जीविका और एआईएफ जैसी योजनाओं के साथ तालमेल बनाकर काम करने पर चर्चा हुई। किसानों, एफपीओ, सहकारी समितियों, स्टार्टअप्स और निर्यातकों से मिले सुझावों को आगे की योजना में शामिल करने का भी फैसला लिया गया।
सरकार का लक्ष्य है कि मखाना से जुड़े किसानों, मजदूरों और उद्यमियों की आमदनी बढ़े और बिहार का मखाना देश-दुनिया में और मजबूत पहचान बनाए।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन का आयोजन, बीज गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs