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रबी सीजन में 362.50 मिलियन टन अनाज उत्पादन का लक्ष्य, खाद बनी बड़ी चुनौती

केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2025-26 में 362.50 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है। बीजों की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन खाद की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। यूपी ने यूरिया की कीमत बढ़ाने और खाद ब

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Pooja Rai· Correspondent

17 सितंबर 2025· 3 min read

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रबी सीजन में 362.50 मिलियन टन अनाज उत्पादन का लक्ष्य, खाद बनी बड़ी चुनौती

रबी सीजन में 362.50 मिलियन टन अनाज उत्पादन का लक्ष्य, खाद बनी बड़ी चुनौती

केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2025-26 में 362.50 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है। बीजों की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन खाद की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। यूपी ने यूरिया की कीमत बढ़ाने और खाद बिक्री को पीएम-किसान पोर्टल से जोड़ने का सुझाव दिया। 3 अक्टूबर से विकसित कृषि संकल्प अभियान शुरू होगा।

केंद्र सरकार ने 2025-26 फसल वर्ष के लिए रबी सीजन में 362.50 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। जबकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष 341.55 मिलियन टन का था। इसमें गेहूं का सबसे बड़ा लक्ष्य 119 मिलियन टन और चना का 11.80 मिलियन टन रखा गया है। सरसों का लक्ष्य भी करीब 14 मिलियन टन तय किया गया है। यह घोषणा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वार्षिक रबी सम्मेलन में की। हालांकि इस दौरान सबसे बड़ी चिंता खाद की कमी को लेकर सामने आई।

निर्धारित लक्ष्य से यह 12.41 मिलियन टन अधिक
सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन वर्ष 2024-25 में 353.96 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 21.66 मिलियन टन (6.5%) अधिक है। धान, गेहूं, मक्का, मूंगफली व सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया है। निर्धारित लक्ष्य 341.55 मिलियन टन से यह 12.41 मिलियन टन अधिक है।

बीज उपलब्ध, खाद पर चिंता
कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि रबी सीजन के लिए बीजों की कोई कमी नहीं है। जहाँ 22.9 मिलियन टन बीजों की जरूरत है, वहाँ 25 मिलियन टन बीज उपलब्ध हैं। लेकिन उर्वरकों की मांग और आपूर्ति को लेकर उन्होंने साफ आंकड़े साझा नहीं किए और बताया कि इस पर राज्यों से बातचीत चल रही है।

ये भी पढ़ें - जीनोम एडिटेड चावल पर राकेश टिकैत का विरोध, केंद्रीय कृषि मंत्री को लिखा पत्र

विकसित कृषि संकल्प अभियान
कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि रबी सीजन का यह लक्ष्य राज्यों की मदद से ही हासिल किया जाएगा। इसके लिए 3 अक्टूबर से "विकसित कृषि संकल्प अभियान" शुरू किया जाएगा। 15 दिन चलने वाले इस अभियान में 2,150 टीमें वैज्ञानिकों और अधिकारियों की देशभर के 725 जिलों के 1 से 1.3 करोड़ किसानों तक पहुंचेंगी। हर टीम 3 जिलों का दौरा करेगी और रोज 1-2 कार्यक्रम करेगी, खासकर उन गांवों में जहाँ खरीफ सीजन का अभियान नहीं पहुंचा था।

राज्यों की शिकायतें और मांग
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि खरीफ सीजन में उर्वरक की कमी महसूस हुई। उन्होंने यूरिया की कीमत मौजूदा 266.50 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 300 रुपये करने की मांग की। उनका कहना था कि जब खुदरा विक्रेताओं को यूरिया 275-280 रुपये में मिल रहा है, तो वे इसे कम दाम पर कैसे बेच सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कीमत बढ़ने से सब्सिडी का बोझ 12-14% तक कम हो जाएगा।

शाही ने बताया कि यूपी सरकार ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब तक 1,196 लाइसेंस रद्द किए गए, 623 कर्मचारियों को निलंबित किया गया और 20,600 छापेमारी की गई। उन्होंने सुझाव दिया कि खाद की बिक्री को पीएम-किसान पोर्टल से जोड़ा जाए ताकि किसानों की खरीदारी का पूरा डेटा पारदर्शी हो।

कुल लक्ष्य क्या है?
कृषि मंत्री ने बताया कि 2025-26 फसल वर्ष (जुलाई-जून) के लिए कुल खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 362.5 मिलियन टन तय किया गया है। हालांकि सीजनवार ब्योरा अभी साझा नहीं किया गया है।

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