Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. मूंगफली की बुवाई से पहले किसान इन बातों का दें ध्यान, राजस्‍थान कृषि विभाग की मानें सलाह
एग्री बुलेटिन

मूंगफली की बुवाई से पहले किसान इन बातों का दें ध्यान, राजस्‍थान कृषि विभाग की मानें सलाह

मूंगफली खरीफ सीजन में बोई जाने वाली एक तिलहनी फसल है. इसकी बुवाई आमतौर पर जून के पहले या दूसरे हफ्ते में बोया जाता है. मूंगफली की बेहतर पैदावार के लिए सिर्फ बीज डालना ही काफी नहीं है. बुवाई से पहले बी

NP

Pooja Rai· Correspondent

13 जून 2025· 2 min read

agriculture newskheti kisanimoongfali
मूंगफली की बुवाई से पहले किसान इन बातों का दें ध्यान, राजस्‍थान कृषि विभाग की मानें सलाह

मूंगफली की बुवाई से पहले किसान इन बातों का दें ध्यान, राजस्‍थान कृषि विभाग की मानें सलाह

मूंगफली खरीफ सीजन में बोई जाने वाली एक तिलहनी फसल है. इसकी बुवाई आमतौर पर जून के पहले या दूसरे हफ्ते में बोया जाता है. मूंगफली की बेहतर पैदावार के लिए सिर्फ बीज डालना ही काफी नहीं है. बुवाई से पहले बीज और मिट्टी का सही उपचार, सही उर्वरकों का प्रयोग, कीटों से बचाव जैसे उपाय अपनाकर किसान अपनी फसल की क्‍वालिटी और क्वांटिटी दोनों बेहतर बना सकते हैं.

राजस्थान कृषि विभाग की तरफ से किसानों को मूंगफली की फसल को दीमक, सफेद लट, कॉलर रॉट, टिक्का रोग (पत्तियों पर धब्बे) और ऐसे कई कीटों और रोगों से बचने के लिए कहा गया है. कृषि विभाग की तरफ से कहा गया है कि अगर समय पर इन कीटों को नियंत्रित न किया जाए तो फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है.

किसान ऐसे करें बीज उपचार
विभाग की मानें तो बीज उपचार यानी सीड ट्रीटमेंट और सॉयल ट्रीटमेंट से फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है. बुवाई से पहले 2.5 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा को 100 किलो गोबर खाद में मिलाकर एक हेक्टेयर में प्रयोग करें. इसके अलावा बीजों को कार्बाक्सिन + थाइरम (3 ग्राम) या मैन्कोजेब (2 ग्राम) प्रति किलो बीज के हिसाब से ट्रीट करें. अगर कम केमिकल का प्रयोग करना चाहते हैं तो 1.5 ग्राम थाइरम और 10 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलो बीज पर प्रयोग करें.

ये भी पढ़ें - यूपी के Ex Army man ने शुरू की गन्ने की जैविक खेती, Processing और Marketing से होती है अच्छी कमाई

पैदावार बढ़ाने के लिए ये करें
कृषि विभाग के मुताबिक फसल को सफेद लट से बचाना है तो बीज का बुवाई से पहले इमिडाक्लोप्रिड 600 एफएस (6.5 मि.ली./किग्रा बीज) या क्लोथायोनिडिन 50 डब्ल्यूडीजी (2 ग्राम/किग्रा बीज) से ट्रीटमेंट करें. ट्रीटमेंट के बाद बीजों को छांव में दो घंटे तक सुखाएं. 250 किग्रा नीम खली प्रति हेक्टेयर बुवाई से पहले खेत में जरूर मिलाएं. जिससे दीमक और बाकी कीट नियंत्रण में रहेंगे. बीजों को अगर राइजोबियम बैक्‍टीरिया कल्चर से ट्रीट किया जाए तो न सिर्फ मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है बल्कि फसल की पैदावार भी बेहतर होती है. 2.5 लीटर पानी में 300 ग्राम गुड़ को गर्म कर घोल बनाएं। ठंडा होने पर इसमें 600 ग्राम राइजोबियम कल्चर मिलाएं और इससे बीजों को भिगोकर उन्‍हें ट्रीट करें.

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— मूंगफली की बुवाई से पहले किसान इन बातों का दें ध्यान, राजस्‍थान कृषि विभाग की मानें सलाह

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs