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मार्च-अप्रैल के महीने में गन्ने की बुवाई करने वाले किसानों के लिए ज़रूरी Tips

देश के किसान इन दिनों गेहूं की कटाई और बसंतकालीन गन्ने की बुवाई में व्यस्त हैं। बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए मार्च महीना सबसे सही माना जाता है। बदलते जलवायु में भी कुछ किसान पारंपरिक विधि से ही गन्

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Pooja Rai· Correspondent

13 मार्च 2025· 3 min read

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मार्च-अप्रैल के महीने में गन्ने की बुवाई करने वाले किसानों के लिए  ज़रूरी Tips

मार्च-अप्रैल के महीने में गन्ने की बुवाई करने वाले किसानों के लिए ज़रूरी Tips

देश के किसान इन दिनों गेहूं की कटाई और बसंतकालीन गन्ने की बुवाई में व्यस्त हैं। बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए मार्च महीना सबसे सही माना जाता है। बदलते जलवायु में भी कुछ किसान पारंपरिक विधि से ही गन्ने की बुवाई करते हैं, जिससे उनको सही उत्पादन नहीं मिलता है। लेकिन अगर किसान वैज्ञानिक द्वारा बताये हुए विधि से गन्ने की बुवाई करें तो कम लागत में अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक बरसाती लाल के मुताबिक़ मार्च का महीना गन्ने की बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।

न्यूज़ पोटली से बात कर उन्होंने बताया कि बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए 15 फरवरी से 15 मार्च के बीच का समय सबसे सही माना जाता है। इस समय़ बुवाई करने से फसल को अधिक समय मिल जाता है ऐसे में उत्पादन अधिक होता है। किसान गन्ने की बुवाई करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बीज में किसी प्रकार का रोग ना लगा हो नहीं तो इससे बीमारी की चपेट में आकर फसल बर्बाद हो सकती है। इससे उत्पादन भी घट सकता है।

ये भी पढ़ें - पिछले दस वर्षों में कुल 2900 जलवायु-अनुकूल उच्च उपज वाली फसलें विकसित की गईं : सरकार

गन्ने की उन्नत क़िस्में
उन्होंने बताया कि COLK 14201, COLK 15201, COLK 15466, COLK 14238, COLK 94184 और नई विकसित किस्म COLK 16202 , ये सभी गन्ने की उन्नत क़िस्में हैं। इन्ही क़िस्मों को किसानों को लगाना चाहिए।
वो बताते हैं कि गन्ने की बुवाई खेत में गड्ढे(गडढा विधि) से बुवाई करने से उत्पादन में लगभग 10 से 15% वृद्धि होती है। इस विधि में बीज सामान्य से थोड़े अधिक लगता है। लेकिन उत्पादन अच्छा मिलता है। ट्रेंच विधि से भी बुवाई करने से गन्ने का उत्पादन अच्छा होता है। उन्होंने बताया कि इसमें कूंण की गहराई 20 से 30 सेमी होती है। कूंण गहरा होने के कारण इसमें गन्ना अच्छे से उगता है और रोग लगने की संभावना कम रहती है। ट्रेंच विधि की सबसे खास बात यह है कि इसमें गन्ना गिरता नही है और मेहनत भी कम लगती है।

खाद कितना देना चाहिए?
उन्होंने बताया कि गन्ने की एक एकड़ फसल में 150 किग्रा नाइट्रोजन, 60 किग्रा फास्फोरस और 60 किग्रा पोटाश डालनी चाहिए। बुवाई करते समय 75 किग्रा नाइट्रोजन, 60 किग्रा फास्फोरस और 60 किग्रा पोटाश डालनी चाहिए। बाकी बची हुई 75 किग्रा नाइट्रोजन एक महीने के अंतराल पर डालनी चाहिए।
न्यूज पोटली पर गन्ने की खेती से जुड़े 30 से ज्यादा वीडियो हैं, गन्ने की उन्नत खेती के लिए न्यूज पोटली देखते रहें.....

वीडियो देखिए -

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