Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. महाराष्ट्र में बारिश से 8 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, मराठवाड़ा और विदर्भ में सबसे ज्यादा नुकसान
एग्री बुलेटिन

महाराष्ट्र में बारिश से 8 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, मराठवाड़ा और विदर्भ में सबसे ज्यादा नुकसान

महाराष्ट्र में अगस्त की ज्यादा बारिश से करीब 8 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गईं, जिनमें मराठवाड़ा, विदर्भ, पश्चिमी और उत्तर महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। नांदेड और वाशीम जिले में सबसे ज्यादा नु

NP

Pooja Rai· Correspondent

28 अगस्त 2025· 2 min read

agriculture newsheavy rain in maharashtrakheti kisani
महाराष्ट्र में बारिश से 8 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, मराठवाड़ा और विदर्भ में सबसे ज्यादा नुकसान

महाराष्ट्र में बारिश से 8 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, मराठवाड़ा और विदर्भ में सबसे ज्यादा नुकसान

महाराष्ट्र में अगस्त की ज्यादा बारिश से करीब 8 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गईं, जिनमें मराठवाड़ा, विदर्भ, पश्चिमी और उत्तर महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। नांदेड और वाशीम जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कपास, सोयाबीन, तुर, मक्का और अनार की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि नुकसान का सही आकलन नहीं हुआ और पिछली बीमा राशि भी अब तक नहीं मिली। सरकार ने सर्वे कर मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।

महाराष्ट्र में अगस्त महीने की ज्यादा बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 187 तहसील और 654 गांवों में करीब 8 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान मराठवाड़ा, विदर्भ, पश्चिमी और उत्तर महाराष्ट्र के किसानों को झेलना पड़ा है।

इन जिलों में ज़्यादा नुकसान
सबसे बुरी तरह प्रभावित ज़िलों में नांदेड (2.85 लाख हेक्टेयर) और वाशीम (1.64 लाख हेक्टेयर) हैं, जबकि यवतमाल (92,000 हेक्टेयर) और बुलढाणा (89,000 हेक्टेयर) में भी भारी नुकसान हुआ है।

ये फसलें सबसे अधिक प्रभावित
यह बारिश उस समय हुई जब खरीफ की प्रमुख फसलें जैसे कपास और सोयाबीन अहम चरण में थीं। 39 लाख हेक्टेयर में बोई गई कपास फूल आने के दौर में थी और 50 लाख हेक्टेयर में बोई गई सोयाबीन पानी भरने से खराब हो गई। तुर (अरहर), मक्का और अनार के बागानों को भी काफी नुकसान हुआ है। सिर्फ अनार ही नहीं, उत्तर महाराष्ट्र की उड़द की फसल भी बर्बाद हो गई है।

ये भी पढ़ें - भारत में ड्यूटी-फ्री कपास आयात की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ी

मुआवजे को लेकर किसान परेशान
रिपोर्ट के मुताबिक किसानों का आरोप है कि सरकारी अधिकारी उनके खेतों में नुकसान का सही आकलन करने नहीं पहुंचे, और पिछली बार के बीमा दावे भी अभी तक नहीं मिले हैं। इस बार हुए नए नुकसान के बाद वे मुआवजे को लेकर और भी परेशान हैं।

सर्वे जल्द पूरा करने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया है कि सरकार सभी प्रभावित किसानों की मदद करेगी। वहीं, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कृषि विभाग को सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इधर, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार से राज्य को “wet drought” घोषित करने और प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹50,000 की मदद देने की मांग की है।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— महाराष्ट्र में बारिश से 8 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, मराठवाड़ा और विदर्भ में सबसे ज्यादा नुकसान

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs