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मछली पालन के लिए बिहार सरकार दे रही 60% तक सब्सिडी, 31 जुलाई तक मौका

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार ने 'मत्स्य प्रजाति का विविधिकरण की योजना' शुरू की है. इसके तहत मछली पालने वालों को 60% तक का अनुदान दिया जा रहा है. आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तय की गई

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Pooja Rai· Correspondent

3 जुलाई 2025· 3 min read

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मछली पालन के लिए बिहार सरकार दे रही 60% तक सब्सिडी, 31 जुलाई तक मौका

मछली पालन के लिए बिहार सरकार दे रही 60% तक सब्सिडी, 31 जुलाई तक मौका

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार ने 'मत्स्य प्रजाति का विविधिकरण की योजना' शुरू की है. इसके तहत मछली पालने वालों को 60% तक का अनुदान दिया जा रहा है. आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तय की गई है.

आज के समय में पारंपरिक खेती के साथ-साथ किसान आय के दूसरे विकल्प तलाशने में लगे हैं. किसान खेती के साथ मछली पालन के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रहे हैं. राज्य व केंद्र सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही हैं. इसी कड़ी में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार ने 'मत्स्य प्रजाति का विविधिकरण की योजना' शुरू की है.

योजना का उद्देश्य
योजना के तहत पालन मात्स्यिकी की प्रजाति आधार को देसी मूल के माइनर कॉर्प, कैट फिश, वायु-श्वासी मछली के साथ समावेशन कर बढ़ाना है जिससे इनका संरक्षण और संवर्द्धन के साथ-साथ मत्स्य उत्पादकता और किसानों के वार्षिक आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सके. योजना के तहत सभी वर्गों के लाभुकों और सभी अवयवों के लिए निर्धारित इकाई लागत का 60 फीसदी सब्सिडी मिलेगी.

ये भी पढ़ें - ‘Bihar Krishi App’…इसका उपयोग, डाउनलोड और रजिस्ट्रेशन का तरीका जानिए

अव्यय का नाम इकाई लागत (इनपुट सहित)

मइनर कॉर्प हैचरी की स्थापना ₹13.12 लाख/इकाई

कैट फिश हैचरी की स्थापना ₹15.37 लाख/इकाई

माइनर कॉर्प 'पालन मात्स्यिकी' की योजना ₹94 हजार/इकाई

कैट फिश एवं अन्य मछलियाों की 'पालन मात्स्यिकी' की योजना₹1.35 लाख/इकाई

लाभार्थी का चयन

मत्स्य प्रजाति विविधिकरण योजना के लिए लाभुकों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किया जाएगा. आवेदक के द्वारा पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ (स्व-अभिप्रमाणित), आधार कार्ड, इकाई लागत से ज्यादा खर्च होने पर अंशदान (खुद अथवा बैंक लोन द्वारा) का सहमति-पत्र जमीन संबंधी कागजात आदि आवेदन के साथ जमा किया जाएगा.

योजना के तहत हैचरी निर्माण के लिए निजी/लीज (निबंधित एकरारनामा ₹1000 के नन-जूडिशियल स्टांप पर न्यूनतम 9 वर्ष का) पर भूमि होना जरूरी है. भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र अथवा अपडेटेड मालगुजारी रसीद (एक वर्ष का) आवेदन के साथ लगाना जरूरी होगा.

योजना के तहत हैचरी अथवा 'पालन मात्स्यिकी' में से किसी एक कम्पोनेंट का ही सब्सिडी के लिए मान्य होगी. साथ ही एक व्यक्ति/ परिवार को अधिकतम 1 एकड़ (2 इकाई) और न्यूनतम 0.25 एकड़ जलक्षेत्र की अनुमान्यता होगी.

यहां करें आवेदन
वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 'देशी मछली पालन का सुनहरा अवसर' के तहत आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं. योजना के लाभ लेने के लिए https://state.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने की अंतिम तारीख 31.08.2025 तक है. इस योजना की ज्यादा जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html पर देख सकते हैं.

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