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भारत ने तोड़ा खाद्यान्न उत्पादन का इतिहास, 357 मिलियन टन का नया रिकॉर्ड

देश में इस साल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर 357.73 मिलियन टन पहुंच गया। चावल-गेहूं, दलहन और तिलहन सभी में बड़ी बढ़ोतरी हुई। पिछले 10 साल में उत्पादन 106 मिलियन टन बढ़ा। कृषि मंत्री ने कहा एमएसपी

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Pooja Rai· Correspondent

21 नवंबर 2025· 3 min read

भारत ने तोड़ा खाद्यान्न उत्पादन का इतिहास, 357 मिलियन टन का नया रिकॉर्ड

भारत ने तोड़ा खाद्यान्न उत्पादन का इतिहास, 357 मिलियन टन का नया रिकॉर्ड

देश में इस साल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर 357.73 मिलियन टन पहुंच गया। चावल-गेहूं, दलहन और तिलहन सभी में बड़ी बढ़ोतरी हुई। पिछले 10 साल में उत्पादन 106 मिलियन टन बढ़ा। कृषि मंत्री ने कहा एमएसपी गारंटी और नई योजनाओं से किसानों की आमदनी और उत्पादन दोनों बढ़ेंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने वर्ष 2024-25 के फसल उत्पादन के अंतिम आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि देश का कृषि क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और किसानों की मेहनत रंग ला रही है। इस साल खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 8% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

खाद्यान्न उत्पादन में ऐतिहासिक छलांग
इस साल कुल खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन रहा है, जबकि पिछले वर्ष यह 332.30 मिलियन टन था।यानी 25.43 मिलियन टन की बढ़ोतरी हुई है।केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन रिकॉर्ड उपलब्धियों के लिए किसानों का आभार जताया और कहा कि देश का कृषि क्षेत्र मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

10 वर्षों में 106 मिलियन टन की बड़ी बढ़त
वर्ष 2015-16 में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 251.54 मिलियन टन था।अब 2024-25 में यह बढ़कर 357.73 मिलियन टन हो गया है।इसका मतलब है कि 10 साल में 106 मिलियन टन की जबरदस्त वृद्धि हुई है।यह कृषि क्षेत्र में लगातार सुधार और सरकारी नीतियों के असर का बड़ा प्रमाण है।

चावल और गेहूं का सबसे ज्यादा उत्पादन
इस साल रिकॉर्ड स्तर पर निम्न उत्पादन हुआ।चावल का 1501.84 लाख टन (पिछले साल से 123.59 लाख टन ज्यादा) और गेहूं का 1179.45 लाख टन (पिछले साल से 46.53 लाख टन ज्यादा) हुआ है।चावल और गेहूं दोनों की पैदावार ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।

ये भी पढ़ें - भारत का कृषि क्षेत्र अगले 10 साल तक 4% की रफ्तार से बढ़ सकता है – नीति आयोग

दाल और तेलहन उत्पादन में भी बड़ी बढ़त
इस साल कुल तिलहन उत्पादन 429.89 लाख टन रहा है, जो पिछले साल से 33.20 लाख टन ज्यादा है।मुख्य फसलों का उत्पादन सोयाबीन का 152.68 लाख टन (रिकॉर्ड उत्पादन), मूंगफली का 119.42 लाख टन (रिकॉर्ड उत्पादन) और सरसों/रेपसीड का 126.67 लाख टन है।वहीं दलहन की बात करें तो कुल दलहन उत्पादन का 256.83 लाख टन है, जिसमें चना – 111.14 लाख टन, मूंग – 42.44 लाख टन और तूर – 36.24 लाख टन है।मंत्री चौहान ने कहा कि ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ से दाल उत्पादन में और तेजी आएगी।

किसानों को एमएसपी का बड़ा फायदा
सरकार ने तूर, उड़द, चना और मूंग की एमएसपी खरीद की गारंटी दी है।इस कदम से बड़ी संख्या में किसानों को सीधे फायदा मिल रहा है।मंत्री चौहान ने बताया कि सरकार आगे भी किसानों को अधिक लाभ देने और उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाएं और बेहतर रणनीतियाँ लागू करती रहेगी।

अन्य प्रमुख फसलों का उत्पादन
मक्का – 434.09 लाख टन
श्री अन्न (Millets) – 185.92 लाख टन
गन्ना – 4546.11 लाख टन
कपास – 297.24 लाख गांठें
पटसन एवं मेस्ता – 88.02 लाख गांठें

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