Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

बिहार ने 'कृषि रेडियो' की शुरुआत, किसानों को मिलेगी आधुनिक तकनीकों और योजनाओं की जानकारी

पटना। बिहार के किसानों को कृषि संबंधी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के लिए सहकारिता विभाग ने 'बिहार कृषि रेडियो' की शुरुआत की है। इस रेडियो सेवा का उद्देश्य किसानों को राज्य और केंद्र सरका

NP

Thamir· Correspondent

28 फ़रवरी 2025· 2 min read

बिहार ने 'कृषि रेडियो' की शुरुआत, किसानों को मिलेगी आधुनिक तकनीकों और योजनाओं की जानकारी

बिहार ने 'कृषि रेडियो' की शुरुआत, किसानों को मिलेगी आधुनिक तकनीकों और योजनाओं की जानकारी

पटना। बिहार के किसानों को कृषि संबंधी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के लिए सहकारिता विभाग ने 'बिहार कृषि रेडियो' की शुरुआत की है। इस रेडियो सेवा का उद्देश्य किसानों को राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं से की जानकारी देने के, साथ ही उन्हें कृषि तकनीकों से मजबूत बनाना है। ताकि वे अपनी कृषि उत्पादकता बढ़ा सकें और अपनी आय में सुधार कर सकें।

ये भी पढ़ें - खेती की मुश्किलों को देख किसान के इंजीनियर बेटे ने बना दिया हाथ से बुवाई की मशीन

इस रेडियो सेवा के तहत, हर बुधवार को किसी एक योजना पर पूरी जानकारी दी जाती है। आज के सत्र में सहकारिता विभाग के संयुक्त निबंधक, निसार अहमद ने 'मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना' के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि ये योजना किसानों को अत्याधुनिक कृषि उपकरणों तक आसान पहुंच दिलाने के लिए बनाई गई है। इसके तहत राज्य के 2976 पैक्सों में कृषि संयंत्र बैंक स्थापित किए जा चुके हैं, जहां किसान बाजार मूल्य से कम किराए पर आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर ले सकते हैं।

ये भी पढ़ें -गेहूं की कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार ने बढ़ाई आपूर्ति, ग्राहकों को मिलेगी राहत

किसान अब मोबाइल ऐप के माध्यम से संयंत्र बैंक से कृषि यंत्रों की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से कर सकते हैं। यह सुविधा किसानों को बिना किसी परेशानी के अपनी जरूरत के उपकरण आसानी से किराए पर लेने का अवसर देती है।

इसके अलावा, 'बिहार कृषि रेडियो' अब पॉडकास्ट और लाइव स्ट्रीमिंग पर भी उपलब्ध है। इस रेडियो में सुबह 10:00 बजे से शाम 4:15 बजे तक कृषि विशेषज्ञों द्वारा जानकारियां दी जाती है। जबकि शाम 5:00 से 5:30 बजे तक कृषि लोकगीत और मनोरंजन कार्यक्रम प्रसारित होते हैं।

किसान इस रेडियो सेवा का फायदा बिहार कृषि रेडियो मोबाइल ऐप, विभागीय वेबसाइट और 'रेडियो गार्डन' प्लेटफॉर्म पर भी उठा सकते हैं, जो खासकर उन किसानों के लिए है जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते।

NP

About the Author

Thamir

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min