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बाज़ार में MSP से कम कीमत पर बिक रहा कपास, CCI ने कहा किसानों को नुकसान से बचाने के लिए जारी रखेंगे ख़रीद

माँग कम होने की वजह से बाज़ार में कपास का भाव तय न्यूनतम समर्थन मूल्य( MSP) से भी नीचे चला गया है. लेकिन सरकारी खरीद एजेंसी भारतीय कपास निगम (CCI) ने किसानों को नुकसान से बचाने के लिए कपास की MSP पर ब

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Pooja Rai· Correspondent

5 मार्च 2025· 2 min read

बाज़ार में MSP से कम कीमत पर बिक रहा कपास, CCI ने कहा किसानों को नुकसान से बचाने के लिए जारी रखेंगे ख़रीद

बाज़ार में MSP से कम कीमत पर बिक रहा कपास, CCI ने कहा किसानों को नुकसान से बचाने के लिए जारी रखेंगे ख़रीद

माँग कम होने की वजह से बाज़ार में कपास का भाव तय न्यूनतम समर्थन मूल्य( MSP) से भी नीचे चला गया है. लेकिन सरकारी खरीद एजेंसी भारतीय कपास निगम (CCI) ने किसानों को नुकसान से बचाने के लिए कपास की MSP पर बंपर खरीद की है. CCI ने कहा है कि किसानों को बाजार में गिरते भाव से बचाने के लिए सभी राज्यों में अभी भी अभी MSP पर खरीद जारी रखी है. आपको बता दें कि कच्चे कपास की कीमतें 6,500 से 7,000 येन प्रति क्विंटल के बीच चल रही हैं जो न्यूनतम समर्थन मूल्य स्तर 7,121 से कम है.

आंकड़ों के मुताबिक़ CCI ने अब तक कुल 94 लाख गांठ कपास की खरीद कर ली है. कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के प्रबंध निदेशक ललित कुमार गुप्ता ने कहा है कि तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत अन्य प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में अभी भी खरीद जारी है. सरकारी दर पर खरीद अक्टूबर 2024 में शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि निगम के फील्ड अधिकारी फसल की अंतिम आवक तक मार्केट यार्ड में मौजूद रहेंगे. उन्होंने कहा कि निगम ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि 2024-25 सीजन की फसल कब बेची जाएगी.

ये भी पढ़ें - ‘फल, सब्जी और अनाज किसी भी मशीन में बनाई नहीं जा सकती है, वो तो किसान ही खेत में पैदा कर सकता है’- केन्द्रीय कृषि मंत्री

फसल उत्पादन अनुमान 301.75 लाख गांठ
व्यापार निकाय कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) के आंकड़ों के अनुसार 2024-25 फसल सीजन के लिए 1 मार्च तक 170 किलोग्राम वजन की गांठ की बाजार में कुल आवक 216 लाख गांठ से अधिक रही है. CAI ने हाल ही में अपने फसल उत्पादन अनुमान को घटाकर 301.75 लाख गांठ कर दिया है, जबकि पहले अग्रिम अनुमानों में फसल उत्पादन 299 लाख गांठ आंका गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार में कच्चे कपास की आवक कम हो गई है. CAI के अनुसार कच्चे कपास की डेली आवक 90,000 गांठों से कम हो गई है.

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