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पश्चिमी यूपी में किसानों की आवाज मजबूत करने की पहल, 11 दिसंबर तक चलेगा कृषि चौपाल

पश्चिमी यूपी में 1–11 दिसंबर तक किसानों द्वारा संचालित कृषि चौपालें होंगी, जहां किसान अपनी समस्याएं और सुझाव सरकार तक पहुंचाएंगे। पहली चौपाल में किसानों ने गन्ना मूल्य वृद्धि और ग्रामीण सुविधाओं में स

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Pooja Rai·Correspondent·02 Dec 2025· 2 min read

पश्चिमी यूपी में किसानों की आवाज मजबूत करने की पहल, 11 दिसंबर तक चलेगा कृषि चौपाल

पश्चिमी यूपी में किसानों की आवाज मजबूत करने की पहल, 11 दिसंबर तक चलेगा कृषि चौपाल

पश्चिमी यूपी में 1–11 दिसंबर तक किसानों द्वारा संचालित कृषि चौपालें होंगी, जहां किसान अपनी समस्याएं और सुझाव सरकार तक पहुंचाएंगे। पहली चौपाल में किसानों ने गन्ना मूल्य वृद्धि और ग्रामीण सुविधाओं में सुधार को सकारात्मक बताया। सरकार ने गन्ना का दाम 30 रुपये बढ़ाया है, जिससे किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का लाभ होगा।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों के सुझावों को सीधे सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘कृषि चौपाल’ कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। यह पहल किसानों और शासन के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

11 दिसंबर तक चार जिलों में होंगी आठ चौपालें
1 से 11 दिसंबर के बीच बागपत, हापुड़, शामली और मुजफ्फरनगर में कुल आठ कृषि चौपालें आयोजित की जाएंगी। खास बात यह है कि इन बैठकों में न तो कोई अधिकारी मंच पर होगा, न ही कोई बाहरी वक्ता। चौपाल पूरी तरह किसानों द्वारा संचालित होगी और केवल किसानों की भागीदारी रहेगी।

कब, कहाँ होगा?
3 दिसंबर: बागपत (हिसावदा)
5–6 दिसंबर: हापुड़
7–8 दिसंबर: शामली
10–11 दिसंबर: मुजफ्फरनगर (यहियापुर और दाहोद)
इन चौपालों से मिलने वाले सुझावों और शिकायतों को संकलित कर सरकार को भेजा जाएगा, जिससे भविष्य की योजनाओं और नीतियों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

ये भी पढ़ें - UP: रबी सीजन के लिए फसल बीमा की तारीख बढ़ी, अब 31 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन

पहली चौपाल
सोमवार को बागपत के मीतली गांव में पहली चौपाल आयोजित हुई। इस बैठक में केवल किसानों ने हिस्सा लिया और खुद ही चर्चा को दिशा दी। बैठक में सबसे प्रमुख विषय रहा गन्ना मूल्य में हुई हालिया बढ़ोतरी। किसानों ने इसे राहत भरा फैसला बताते हुए कहा कि सरकार समय-समय पर दाम बढ़ा रही है और भुगतान प्रक्रिया भी पहले की तुलना में बेहतर हुई है।

बुनियादी सुविधाओं पर भी हुई खुलकर चर्चा
चौपाल में किसानों ने केवल फसल मूल्य नहीं, बल्कि बिजली, सिंचाई, सड़कें, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं में सुधार की बात भी रखी। ग्रामीणों का मानना है कि हाईवे और ग्रामीण सड़कों की स्थिति बेहतर होने से कृषि कार्य और बाज़ारों तक पहुंच आसान हुई है।अधिकारियों का कहना है कि कृषि चौपाल से मिले फीडबैक को सीधे नीति निर्माण में शामिल किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि किसानों की बात कागज नहीं, योजनाओं में दिखाई दे।

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