Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. नौकरी छोड़ शुरू की खेती, हिमाचल के सुशील शर्मा अब सेब के बाग से कमा रहे हैं लाखों
एग्री बुलेटिन

नौकरी छोड़ शुरू की खेती, हिमाचल के सुशील शर्मा अब सेब के बाग से कमा रहे हैं लाखों

हिमाचल के किसान सुशील शर्मा गाला और स्पर वैरायटी सेब की खेती से सालाना 8 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई रहे हैं। उन्होंने महंगे पौधों की जगह खुद ग्राफ्टिंग कर सस्ता पौधा तैयार किया। साथ ही उन्होंने बाग म

NP

Pooja Rai· Correspondent

25 अगस्त 2025· 2 min read

agriculture newsapple farmingDrip irrigation
नौकरी छोड़ शुरू की खेती, हिमाचल के सुशील शर्मा अब सेब के बाग से कमा रहे हैं लाखों

नौकरी छोड़ शुरू की खेती, हिमाचल के सुशील शर्मा अब सेब के बाग से कमा रहे हैं लाखों

हिमाचल के किसान सुशील शर्मा गाला और स्पर वैरायटी सेब की खेती से सालाना 8 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई रहे हैं। उन्होंने महंगे पौधों की जगह खुद ग्राफ्टिंग कर सस्ता पौधा तैयार किया। साथ ही उन्होंने बाग में इंटर क्रॉपिंग, ड्रिप इरीगेशन और एंटी हेल नेट से उत्पादन और क्वालिटी दोनों बढ़ाई है। लॉकडाउन में नौकरी छूटने के बाद शुरू हुई उनकी खेती आज सफलता की मिसाल बन गई है।

हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले के डांडी बाग गांव के युवा किसान सुशील शर्मा गाला और स्पर वैरायटी के सेब की बागवानी से हर साल करीब 8 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। उनके 8 बीघे बाग में करीब 1500 से ज्यादा पेड़ लगे हैं। सुशील के मुताबिक अगस्त के पहले हफ्ते में उनका गाला सेब बाज़ार में 250 रुपये किलो बिका, जिसकी मांग मार्केट में हमेशा बनी रहती है।

गाला सेब की माँग क्यों ज़्यादा है?
गाला सेब की खासियत इसकी मीठा स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ है। यही वजह है कि देश ही नहीं दुनिया भर में इसकी डिमांड बहुत ज़्यादा है। महंगे पौधे खरीदने की बजाय सुशील ने खुद ग्राफ्टिंग कर पौधे तैयार किए और खर्च को काफी कम कर दिया।

इंटर क्रॉपिंग भी करते हैं सुशील
सेब की खेती के साथ सुशील इंटर क्रॉपिंग भी करते हैं। उनके बाग में शिमला मिर्च, मटर, टमाटर और लहसुन जैसी फसलें लगाई जाती हैं। बेहतर पैदावार के लिए उन्होंने ड्रिप इरीगेशन और मल्चिंग सिस्टम लगाया है, जबकि बर्फबारी से बचाव के लिए बाग में एंटी हेल नेट लगाया है।

ये भी पढ़ें - भारत दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक, सरकार ने किसानों के लिए उठाए बड़े कदम

लॉकडाउन के दौरान छोड़ी नौकरी
सुशील बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान जब नौकरी छूट गई और आर्थिक हालात बिगड़ गए, तब उन्होंने पूरी तरह से खेती को अपनाने का फैसला किया। शुरुआत में संघर्ष रहा, लेकिन मां और पत्नी के सहयोग से उन्होंने बागवानी को अपनी पहचान और रोज़गार बना लिया। आज उनकी सफलता से गांव के अन्य किसान भी प्रेरणा ले रहे हैं।

वीडियो देखिए -

News Potli.
Clip & Share
“

— नौकरी छोड़ शुरू की खेती, हिमाचल के सुशील शर्मा अब सेब के बाग से कमा रहे हैं लाखों

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs