Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

देश में दालों के स्टॉक में भारी गिरावट, महंगाई बढ़ने की आशंका

देश में दालों के स्टॉक में भारी गिरावट आई है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पिछले दो सालों में दालों की कीमतें समर्थन मूल्य (MSP) से अधिक रही, जिसके कारण सरकारी संस्थाओं ने दालों की खरीद

NP

Thamir· Correspondent

13 फ़रवरी 2025· 2 min read

देश में दालों के स्टॉक में भारी गिरावट, महंगाई बढ़ने की आशंका

देश में दालों के स्टॉक में भारी गिरावट, महंगाई बढ़ने की आशंका

देश में दालों के स्टॉक में भारी गिरावट आई है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पिछले दो सालों में दालों की कीमतें समर्थन मूल्य (MSP) से अधिक रही, जिसके कारण सरकारी संस्थाओं ने दालों की खरीदारी नहीं की। वहीं, दालों का बंपर स्टॉक 35 लाख टन होना चाहिए था, लेकिन अब यह घटकर 14.5 लाख टन रह गया है।

सरकारी स्टॉक में मौजूद दालों में मूंग 0.77 लाख टन और मसूर 0.53 लाख टन हैं, जिसमें मसूर का स्टॉक ज्यादा होने का कारण इसका अधिक आयात है। चने का बफर स्टॉक 10 लाख टन का था, लेकिन इसमें भी मामूली गिरावट आई है और यह 0.97 लाख टन हो गया है।

ये भी पढ़ें - भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन गया है: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह

स्टॉक की कमी के कारण सरकार काफी चिंतित है, क्योंकि बफर स्टॉक का मुख्य उद्देश्य महंगाई को नियंत्रित करना और आपदा के समय मार्केट इंटरवेंशन प्रोग्राम (MIP) के तहत दालों की सप्लाई करना है। सरकारी एजेंसियां, जैसे नेफेड और एनसीसीएफ, दालों की खरीद प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत करती हैं, लेकिन पिछले दो सालों में दालों की कीमतें MSP से अधिक होने के कारण सरकार ने दालों की खरीदारी नहीं की ।

ये भी पढ़ें -MP सरकार किसानों को दिए 36 लाख क्विंटल से अधिक प्रमाणित बीज

कठिन समय में, जैसे महंगाई या प्राकृतिक आपदाओं के समय, सरकार बफर स्टॉक का इस्तेमाल करती है, लेकिन स्टॉक की इस गिरावट के कारण आने वाले महीनों में कीमतें बढ़ सकती हैं। हालांकि, सरकार का कहना है कि इस साल दालों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, जिसके बाद बफर स्टॉक में सुधार की संभावना है।

NP

About the Author

Thamir

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min