News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. दालों की कीमत में आ सकती है ग‍िरावट, बढ़ती महंगाई के बीच राहतभरी खबर
एग्री बुलेटिन

दालों की कीमत में आ सकती है ग‍िरावट, बढ़ती महंगाई के बीच राहतभरी खबर

उपभोक्‍ताओं के ल‍िए अच्‍छी खबर है। अच्‍छे मानसून (Monsoon) की उम्‍मीद के बीच आने वाले समय में दालों (pulses) की कीमत कुछ कम हो सकती है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने शुक्रवार को कहा कि

Arvind Shukla

Arvind Shukla·Founder & Editor-in-Chief·15 Jun 2024· 4 min read

दालों की कीमत में आ सकती है ग‍िरावट, बढ़ती महंगाई के बीच राहतभरी खबर

दालों की कीमत में आ सकती है ग‍िरावट, बढ़ती महंगाई के बीच राहतभरी खबर

उपभोक्‍ताओं के ल‍िए अच्‍छी खबर है। अच्‍छे मानसून (Monsoon) की उम्‍मीद के बीच आने वाले समय में दालों (pulses) की कीमत कुछ कम हो सकती है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने शुक्रवार को कहा कि अच्छे मानसून की उम्मीद और आयात में वृद्धि से अगले महीने से तुअर, चना और उड़द दालों की कीमतों में नरमी आने की संभावना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले महीने से इन तीनों दालों का आयात भी बढ़ेगा। इससे घरेलू आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

न‍िध‍ि खरे ने संवाददाताओं से कहा कि तुअर, चना और उड़द दालों की कीमतें पिछले छह महीनों से स्थिर हैं। लेकिन उच्च स्तर पर हैं। मूंग और मसूर दालों की कीमत की स्थिति आरामदायक है।" 13 जून को चना दाल का औसत खुदरा मूल्य 87.74 रुपए प्रति किलोग्राम, तुअर (अरहर) 160.75 रुपए प्रति किलोग्राम, उड़द 126.67 रुपए प्रति किलोग्राम, मूंग 118.9 रुपए प्रति किलोग्राम और मसूर 94.34 रुपए प्रति किलोग्राम था।
दालों (Pulses) की कीमत दे सकती है राहत, अच्‍छे मानसून (Monsoon) की संभावना

उपभोक्ता मामले विभाग 550 प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों से खुदरा कीमतें एकत्र करता है। खरे ने कहा, "जुलाई से तुअर, उड़द और चना की कीमतों में नरमी आने की संभावना है।" सचिव ने कहा कि मौसम विभाग ने सामान्य मानसून बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। उन्होंने कहा कि हमें अच्छे मानसून, औसत से अधिक बारिश की उम्मीद है। हमें उम्मीद है कि दालों के रकबे में उल्लेखनीय सुधार होगा। किसान ऊंचे बाजार मूल्यों को देखते हुए फसलों के रकबे में और वृद्धि करेंगे। बाजार की धारणा में भी सुधार होगा।" उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रही है।

खरे ने जोर देकर कहा कि सरकार घरेलू उपलब्धता को बढ़ाने और खुदरा कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत चना दाल को 60 रुपए प्रति किलोग्राम पर बेचने की सरकार की योजना आम आदमी को राहत प्रदान कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम घरेलू उपलब्धता को बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।"

यह भी पढ़ें- सरकार का दावा- भारत के पास गेहूं का पर्याप्‍त स्‍टॉक, आयात शुल्‍क में बदलाव की कोई योजना नहीं

भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 8 लाख टन तुअर और 6 लाख टन उड़द का आयात किया। म्यांमार और अफ्रीकी देश भारत के प्रमुख निर्यातक हैं। सचिव ने कहा कि उनका विभाग आयात को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं के साथ-साथ घरेलू खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं और बड़ी खुदरा श्रृंखलाओं के साथ लगातार संपर्क में है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई जमाखोरी न हो।
आलू की मांग बढ़ी, बफर स्‍टॉक के ल‍िए प्‍याज की खरीद शुरू

वर्ष 2023-24 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में अरहर का उत्पादन 33.85 लाख टन रहा जबकि खपत 44-45 लाख टन रहने का अनुमान है। चना का उत्पादन 115.76 लाख टन रहा जबकि मांग 119 लाख टन है। उड़द के मामले में उत्पादन 23 लाख टन रहा जबकि खपत 33 लाख टन रहने का अनुमान है। मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को आयात के जरिए पूरा किया जाता है। सब्जियों के मामले में भी खरे ने कहा कि मानसून की बारिश का खुदरा कीमतों पर अच्छा असर होगा। आलू की मांग बढ़ गई है क्योंकि गर्मी ने हरी सब्जियों की फसल को प्रभावित किया है। सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद शुरू कर द‍िया है और 35,000 टन पहले ही खरीदा जा चुका है। यह कोल्ड स्टोरेज के माध्यम से प्याज के शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के प्रयास भी कर रहा है।

काम का वीड‍ियो देख‍िए

News Potli.
Clip & Share
“

— दालों की कीमत में आ सकती है ग‍िरावट, बढ़ती महंगाई के बीच राहतभरी खबर

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsdalpulsetuar
Arvind Shukla

About the Author

Arvind Shukla

Founder & Editor-in-Chief

Pulitzer Center Grantee. 18+ years of rural journalism across India. भारत के गाँवों और किसानों की आवाज़।

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs