Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. गोबर से कमाई, NDDB 6 राज्यों में लगाएगी 15 बायोगैस प्लांट
एग्री बुलेटिन

गोबर से कमाई, NDDB 6 राज्यों में लगाएगी 15 बायोगैस प्लांट

एनडीडीबी (राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) 6 राज्यों गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा और बिहार में 15 बड़े बायोगैस प्लांट लगाने जा रहा है। इन पर 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। किसान अपना गोबर इन प्ल

NP

Pooja Rai· Correspondent

18 सितंबर 2025· 3 min read

biharbio CNGBIOGAS PLANT
गोबर से कमाई, NDDB 6 राज्यों में लगाएगी 15 बायोगैस प्लांट

गोबर से कमाई, NDDB 6 राज्यों में लगाएगी 15 बायोगैस प्लांट

एनडीडीबी (राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) 6 राज्यों गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा और बिहार में 15 बड़े बायोगैस प्लांट लगाने जा रहा है। इन पर 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। किसान अपना गोबर इन प्लांट्स को देंगे और इसके बदले उन्हें प्रति किलो 1 रुपये तक मिलेगा। हर प्लांट रोज 100 टन गोबर से गैस बनाएगा, जिसे बायो-CNG और अन्य ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

अब गांवों में सड़ते हुए गोबर के ढेर कम होते नजर आएंगे। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने गोबर से ऊर्जा बनाने की बड़ी योजना शुरू की है। इसके तहत 6 राज्यों गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा और बिहार में 15 बड़े बायोगैस (CBG) प्लांट लगाए जाएंगे। इन प्लांट्स पर लगभग 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

प्रति किलो 1 रुपये तक का होगा भुगतान
योजना के मुताबिक, किसानों से रोजाना करीब 1,500 टन गोबर लिया जाएगा और उन्हें इसके लिए प्रति किलो 1 रुपये तक दिया जाएगा। इससे किसानों की अतिरिक्त आय होगी, गांवों की साफ-सफाई सुधरेगी और गोबर से निकलने वाली बदबू की समस्या भी खत्म होगी। सबसे खास बात यह है कि गोबर को अब कचरा नहीं बल्कि कमाई का जरिया बनाया जाएगा।

गोबर का इस्तेमाल बायोगैस बनाने में होगा
अभी भी गुजरात के बनासकांठा और यूपी के वाराणसी जैसे इलाकों में किसान रोज सुबह अपना गोबर डेयरी तक पहुंचा रहे हैं। वहां से यह गोबर बायोगैस प्लांट में जाता है, जो हर दिन हजारों क्यूबिक मीटर गैस बनाता है। इस गैस को साफ करके “बायो-CNG” के रूप में बेचा जाएगा, जिसे गाड़ियों में ईंधन की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। कुछ प्लांट ऐसे भी होंगे जहां गैस को सीधे खाना पकाने और औद्योगिक कामों के लिए उपयोग किया जाएगा।

ये भी पढ़ें- किसान कॉल सेंटर होगा और प्रभावी, शिकायतों का तुरंत होगा समाधान

NDDB और डेयरी साथ मिलकर करेंगे ये काम
एनडीडीबी ने अमूल डेयरी, डूधसागर डेयरी, बड़ौदा डेयरी और कई अन्य दुग्ध संघों के साथ मिलकर गुजरात में आठ और प्लांट लगाने की योजना बनाई है। इसी तरह, महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा और बिहार में भी डेयरियों के साथ समझौते किए गए हैं। इस परियोजना में जापान की सुजुकी कंपनी ने भी निवेश किया है क्योंकि पाया गया है कि गोबर से बनी बायोगैस गाड़ियों के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है।

15 राज्यों में 10,000 छोटे-छोटे बायोगैस प्लांट बनाने की योजना
इसके अलावा, एनडीडीबी और एक NGO ने मिलकर अगले चार सालों में 15 राज्यों में 10,000 छोटे-छोटे बायोगैस प्लांट लगाने की योजना बनाई है। इनसे हर साल लाखों टन जैविक खाद (ऑर्गेनिक स्लरी और PROM) भी बनेगी, जिससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी और रासायनिक खाद पर खर्च घटेगा।कुल मिलाकर, यह योजना किसानों की कमाई बढ़ाने, गांवों को साफ रखने और देश को स्वच्छ ऊर्जा देने की दिशा में बड़ा कदम है।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— गोबर से कमाई, NDDB 6 राज्यों में लगाएगी 15 बायोगैस प्लांट

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs