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गांव से ग्लोबल तक: भारत का डेयरी सफर

भारत आज नेशनल मिल्क डे मना रहा है, जो व्हाइट रेवोल्यूशन के जनक डॉ. वर्गीज़ कुरियन की याद में मनाया जाता है। उनकी वजह से भारत दूध की कमी वाले देश से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना। आज भारत वैश्विक

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Pooja Rai· Correspondent

26 नवंबर 2025· 2 min read

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गांव से ग्लोबल तक: भारत का डेयरी सफर

गांव से ग्लोबल तक: भारत का डेयरी सफर

भारत आज नेशनल मिल्क डे मना रहा है, जो व्हाइट रेवोल्यूशन के जनक डॉ. वर्गीज़ कुरियन की याद में मनाया जाता है। उनकी वजह से भारत दूध की कमी वाले देश से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना। आज भारत वैश्विक दूध उत्पादन में 25% योगदान देता है और डेयरी सेक्टर GDP में लगभग 5% योगदान के साथ 8 करोड़ किसानों की आजीविका का आधार है। बढ़ती मांग, टेक्नोलॉजी और वैल्यू-ऐडेड डेयरी उत्पादों के चलते यह सेक्टर और तेजी से आगे बढ़ रहा है।

आज भारत पूरे देश में नेशनल मिल्क डे मना रहा है। यह दिन भारत की व्हाइट रेवोल्यूशन के जनक Dr. Verghese Kurien को समर्पित है। यह वही व्यक्ति जिनके विजन और नेतृत्व ने देश को दूध की कमी वाले राष्ट्र से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना दिया।

भारत की GDP में डेयरी का योगदान
आज भारत वैश्विक दूध उत्पादन का लगभग 25% हिस्सा अकेले देता है। देश का डेयरी सेक्टर न केवल पोषण का स्रोत है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत भी है। भारत की GDP में डेयरी उद्योग का योगदान लगभग 5% है और करीब 8 करोड़ किसान सीधे इस क्षेत्र से जुड़े हैं।

ये भी पढ़ें - भारत में बागवानी उत्पादन नए रिकॉर्ड की ओर, सरकार ने तीसरा अग्रिम अनुमान किया जारी

डेयरी में देश ने रिकॉर्ड प्रगति
पिछले एक दशक में देश ने रिकॉर्ड प्रगति की है।2014–15 में जहाँ दूध उत्पादन 146.3 मिलियन टन था, वहीं 2023–24 में यह बढ़कर 239.3 मिलियन टन पहुँच गया। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी अब वैश्विक औसत से काफी आगे है। समय के साथ उपभोक्ता की पसंद भी बदली है। अब लोग केवल दूध ही नहीं, बल्कि हाई-प्रोटीन मिल्क, प्रोबायोटिक दही और पेय, चीज़ और अन्य वैल्यू-ऐडेड डेयरी उत्पाद की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

डेयरी सेक्टर में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
टेक्नोलॉजी भी डेयरी सेक्टर का नया आधार बन रही है। ब्लॉकचेन और QR कोड तकनीक की मदद से अब उपभोक्ता अपने दूध या घी की पूरी जानकारी फ्रॉम फार्म से पैकेज तक ट्रैक कर सकते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में नवाचार, पारदर्शिता, प्रीमियम डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग और आधुनिक तकनीक भारत की डेयरी इंडस्ट्री को और ऊँचाई पर ले जाएँगी।
आज नेशनल मिल्क डे के अवसर पर भारत Dr. Verghese Kurien के उस योगदान को सलाम करता है, जिसने देश को मिल्क-डेफिसिट नेशन से मिल्क-पावरहाउस बना दिया।

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