News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. काली मिर्च की खेती कब, कहाँ और कैसे की जाती है? पूरा प्रॉसेस समझिए
एग्री बुलेटिन

काली मिर्च की खेती कब, कहाँ और कैसे की जाती है? पूरा प्रॉसेस समझिए

भारत में काली मिर्च की खेती के लिए सबसे बेहतर जगह तो समुद्र के आसपास वाले राज्य हैं। भारत में काली मिर्च के उत्पादन का 98 प्रतिशत हिस्सा अकेले केरल और कर्नाटक में होता है। इसके बाद तमिलनाडु, महाराष्ट्

NP

Pooja Rai·Correspondent·15 Jul 2025· 3 min read

काली मिर्च की खेती कब, कहाँ और कैसे की जाती है? पूरा प्रॉसेस समझिए

काली मिर्च की खेती कब, कहाँ और कैसे की जाती है? पूरा प्रॉसेस समझिए

भारत में काली मिर्च की खेती के लिए सबसे बेहतर जगह तो समुद्र के आसपास वाले राज्य हैं। भारत में काली मिर्च के उत्पादन का 98 प्रतिशत हिस्सा अकेले केरल और कर्नाटक में होता है। इसके बाद तमिलनाडु, महाराष्ट्र के कोंकण के साथ ही नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भी इसकी खेती की जाती है।

काली मिर्च जिसे अंग्रेजी में ब्लैक पेपर कहते हैं।शायद ही ऐसा कोई घर होगा जहां काली मिर्च का इस्तेमाल न होता हो। इसका इस्तेमाल ज़्यादातर सब्जियों और दूसरे पकवानों में टेस्ट बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है ये हरी-हरी दिखने वाली काली मिर्च काली कैसे हो जाती है ? आखिर इसका Process क्या है? इसकी खेती किस तरह की मिट्टी में संभव है? बुवाई का समय क्या है?

काली मिर्च की खेती के लिए किस तरह की जलवायु चाहिए?
काली मिर्च की खेती के लिए बारिश के साथ-साथ नमी बहुत ज़रूरी है। इसकी खेती के लिए पश्चिम घाट के उपपर्वतीय क्षेत्र , गरम और आर्द्र जलवायु को बहुत बेहतर माना जाता है। इसकी खेती उन्हीं जगहों पर हो सकती है जहां ना तो बहुत ज्यादा ठंड पड़ती हो और ना ही बहुत गर्मी। 20 डिग्री के आसपास का तापमान काली मिर्च की खेती के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। हालांकि ये उन जगहों पर भी हो जाती है, जहां का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस हो। काली मिर्च का पौधा मैक्सिमम 40 डिग्री तक का ही तापमान सहन कर सकता है। टमप्रेचर इससे ज्यादा होने पर पौधा मुरझा जाएगा। काली मिर्च के पौधों की बेहतर ग्रोथ के लिए 125-200 सेंटिमीटर बारिश आदर्श मानी जाती है।

ये भी पढ़ें - अब तक 597.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में हुई बुवाई, धान का रकबा 11.84 लाख हेक्टेयर बढ़ा, जानिए दलहन, गन्ना, कपास, का हाल

लागत बहुत कम
लागत की बात करें तो काली मिर्च मुफ्त की खेती है। इसमें ज्यादा लागत नहीं आती। एक बार लगा दिया तो एक पेड़ 15-16 सालों तक फल देता है। इस दौरान सिर्फ लताओं के रख रखाव की ही जरूरत पड़ती है। पौधे लगाते वक्त इसका ध्यान रखना जरूरी है कि दो पौधों के बीच की दूरी कम से कम 8-8 फीट की हो। इससे पौधों को बढ़ने में आसानी रहती है। काली मिर्च की खेती करने वाले किसान बताते हैं कि एक हेक्टेयर में करीब 1600 से 1700 पेड़ ही लगाना बेहतर रहता है। खेती के दौरान प्रति पौधों पर 10-20 किलो तक गाय के गोबर से बनी खाद और वर्मी कंपोस्ट दिया जाता है।

सुखाने का प्रोसेस क्या है?
पेड़ से काली मिर्च की फलिया तोड़ने के बाद उसे सुखाने और निकालने में सावधानी बरती जाती है। दाने निकालने के लिए पानी में कुछ समय डुबाया जाता है और फिर सुखाया जाता है। इससे दानों को अच्छा रंग मिल जाता है। पौधों से फली तोड़ने के लिए थ्रेसिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाता है ताकि तोड़ने का काम तेज हो। शुरू में काली मिर्च की फली में 70 फीसद तक नमी होती है जिसे ठीक से सुखा कर कम किया जाता है। नमी ज्यादा होने पर दाने खराब हो सकते हैं।

देखिए वीडियो -

News Potli.
Clip & Share
“

— काली मिर्च की खेती कब, कहाँ और कैसे की जाती है? पूरा प्रॉसेस समझिए

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsblack pepperkheti kisaniNews Potliकाली मिर्चखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs