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कपास अनुसंधान में अहम योगदान देने वाले श्रीरंग देवबा लाड को पद्मश्री

कपास खेती में नवाचार कर किसानों की पैदावार और आमदनी बढ़ाने वाले महाराष्ट्र के कृषि विशेषज्ञ श्रीरंग देवबा लाड को साल 2026 के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। ‘कृषि ऋषि’ के नाम से मशहूर लाड का कहन

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Pooja Rai· Correspondent

26 जनवरी 2026· 2 min read

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कपास अनुसंधान में अहम योगदान देने वाले श्रीरंग देवबा लाड को पद्मश्री

कपास अनुसंधान में अहम योगदान देने वाले श्रीरंग देवबा लाड को पद्मश्री

कपास खेती में नवाचार कर किसानों की पैदावार और आमदनी बढ़ाने वाले महाराष्ट्र के कृषि विशेषज्ञ श्रीरंग देवबा लाड को साल 2026 के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। ‘कृषि ऋषि’ के नाम से मशहूर लाड का कहना है कि यह सम्मान उनके लिए निजी उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों तक तकनीक और ज्ञान पहुंचाने की नई प्रेरणा है।

लातूर। कपास की खेती में नए प्रयोग कर हजारों किसानों की आमदनी बढ़ाने वाले महाराष्ट्र के वरिष्ठ कृषि नवाचारक श्रीरंग देवबा लाड को साल 2026 के पद्म पुरस्कार के लिए चुना गया है। 79 वर्षीय लाड को ‘अनाम नायकों’ की श्रेणी में यह सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए निजी खुशी नहीं, बल्कि किसानों के लिए और अधिक काम करने की प्रेरणा है।

लोग प्यार से कहते हैं ‘दादा लाड’
मध्य महाराष्ट्र के परभणी जिले के मालसोना गांव के रहने वाले श्रीरंग देवबा लाड को लोग प्यार से ‘दादा लाड’ कहते हैं। कपास अनुसंधान के क्षेत्र में उनके योगदान से विकसित किस्मों ने पैदावार बढ़ाई है, जिससे हजारों किसानों को सीधा आर्थिक फायदा मिला है।

ये भी पढ़ें- बीज संरक्षण को बनाया जीवन का मिशन, मुरादाबाद के रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री

‘कृषि ऋषि’ के नाम से पहचान
कृषि समुदाय में ‘कृषि ऋषि’ के नाम से पहचाने जाने वाले लाड ने कहा कि यह सम्मान उनके शोध और तकनीकों को ज्यादा किसानों तक पहुंचाने में मदद करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि जब किसान इन तरीकों को अपनाकर अपनी फसल की उपज बढ़ाएंगे और उनके जीवन में खुशहाली आएगी, वही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।

आरएसएस से जुड़े हैं लाड
1 जनवरी 1947 को जन्मे श्रीरंग देवबा लाड ने परभणी से स्कूली शिक्षा पूरी की और बाद में स्नातक की पढ़ाई की। वर्तमान में वे आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं और गोवा, महाराष्ट्र व गुजरात के लिए क्षेत्रीय संगठन मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं।लाड ने बताया कि वे किसान परिवार से आते हैं और बचपन से ही खेती से जुड़े रहे हैं। उनकी रुचि और मेहनत को देखते हुए भारतीय किसान संघ ने उन्हें अपने साथ काम करने का अवसर दिया।

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