Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. कच्चे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत घटा, तेल की कीमतों में आएगी कमी
एग्री बुलेटिन

कच्चे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत घटा, तेल की कीमतों में आएगी कमी

दूसरे देशों से आयात किए जाने वाले कच्चे खाद्य तेलों पर सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को दस प्रतिशत तक कम कर दिया है. केंद्र सरकार ने क्रूड पाम ऑयल, क्रूड सोया ऑयल और क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर लगने वाली बेसिक कस

NP

Pooja Rai· Correspondent

1 जून 2025· 3 min read

import dutykheti kisaniNews Potli
कच्चे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत घटा, तेल की कीमतों में आएगी कमी

कच्चे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत घटा, तेल की कीमतों में आएगी कमी

दूसरे देशों से आयात किए जाने वाले कच्चे खाद्य तेलों पर सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को दस प्रतिशत तक कम कर दिया है. केंद्र सरकार ने क्रूड पाम ऑयल, क्रूड सोया ऑयल और क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को घटाकर आधा कर दिया है, जो पहले बीस प्रतिशत थी. सरकार के इस कदम का मकसद खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों को कम करना है.

आपको बता दें कि भारत अपनी घरेलू खाद्य तेल जरूरत का 50 प्रतिशत से ज्‍यादा आयात करता है. भारत ने ऑयल मार्केटिंग ईयर 2023-24 (नवंबर से अक्टूबर) के दौरान 159.6 लाख टन खाद्य तेलों का आयात किया. इसकी कीमत 1.32 लाख करोड़ रुपये थी. इस संबंध में वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को तुरंत प्रभाव से नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. कच्चे पाम ऑयल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर प्रभावी आयात शुल्क (मूल सीमा शुल्क और अन्य शुल्क) अब 16.5% होगा, जबकि पहले यह 27.5% था. रिफाइंड तेलों पर प्रभावी शुल्क 35.75% ही रखी गई है.

इन दो देशों से आयात करता है भारत
भारत मलेशिया और इंडोनेशिया से पाम ऑयल का आयात करता है. जबकि सोयाबीन तेल ब्राजील और अर्जेंटीना से आता है. बता दें कि पिछले साल 14 सितंबर को सरकार ने कच्चे सोयाबीन तेल, कच्चे पाम ऑयल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी जीरो फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया. पिछले साल सितंबर में रिफाइंड पाम तेल, रिफाइंड सूरजमुखी तेल और रिफाइंड सोयाबीन तेल पर मूल सीमा शुल्क 12.5 फीसदी से बढ़ाकर 32.5 फीसदी कर दिया गया था, जिससे रिफाइंड तेलों पर प्रभावी शुल्क 35.75 फीसदी हो गया था.

ये भी पढ़ें - रागी की खेती को बढ़ावा दे रही सरकार ..596 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाई MSP, मानसून की शुरुआत से पहले किसान कर लें इसकी बुवाई

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम
खाद्य तेलों की बढ़ती घरेलू मांग, भारी कमी और आयात के कारण राजकोष पर पड़ने वाले खर्च को देखते हुए, पाम ऑयल के क्षेत्र को बढ़ाने की जरूरत है. इसलिए सरकार ने भी खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशन - ऑयल पाम (NMEO-OP) को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य ऑयल पाम क्षेत्र विस्तार, सीपीओ उत्पादन में वृद्धि और खाद्य तेलों पर आयात बोझ को कम करके देश में खाद्य तिलहन उत्पादन और तेलों की उपलब्धता को बढ़ाना है.

11.20 लाख टन करने का लक्ष्य
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हर साल करीब 9 मीट्रिक टन पाम ऑयल का आयात किया जाता है, जिसकी कीमत 40,000 करोड़ रुपये है, जो खाद्य तेल के कुल आयात का करीब 56% है. वर्तमान में करीब 28 लाख हेक्टेयर के कुल संभावित क्षेत्र में से सिर्फ 3.70 लाख हेक्टेयर में ही ऑयल पाम की खेती हो रही है.. एनएमईओ-ऑयल पाम के तहत 2025-26 तक ऑयल पाम क्षेत्र विस्तार के लिए सरकार ने कच्चे पाम तेल का उत्पादन 2019-20 के दौरान 0.27 लाख टन से बढ़ाकर 2025-26 तक 11.20 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है.

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— कच्चे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत घटा, तेल की कीमतों में आएगी कमी

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs