Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. कच्चे कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की जाए: CAI की अपील
एग्री बुलेटिन

कच्चे कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की जाए: CAI की अपील

CAI ने सरकार से कच्चे कपास पर 11% आयात शुल्क हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगा कपास और कमजोर मांग से टेक्सटाइल उद्योग संकट में है। बरसात से देशी कपास की गुणवत्ता भी गिरी है, इसलिए मिलों को आय

NP

Pooja Rai· Correspondent

10 दिसंबर 2025· 3 min read

agriculture newsCAIcotton import
कच्चे कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की जाए: CAI की अपील

कच्चे कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की जाए: CAI की अपील

CAI ने सरकार से कच्चे कपास पर 11% आयात शुल्क हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगा कपास और कमजोर मांग से टेक्सटाइल उद्योग संकट में है। बरसात से देशी कपास की गुणवत्ता भी गिरी है, इसलिए मिलों को आयात करना पड़ेगा। शुल्क हटाने से उद्योग को सस्ता कपास मिलेगा और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने सरकार से कच्चे कपास (Raw Cotton) पर लगने वाली 11% आयात शुल्क को हटाने की मांग की है। अभी यह शुल्क 31 दिसंबर 2025 तक के लिए खत्म किया गया है, लेकिन CAI चाहती है कि इसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाए।

क्या है वजह?
एक रिपोर्ट के मुताबिक CAI के अध्यक्ष विनय एन. कोटक ने कहा कि भारत का टेक्सटाइल उद्योग इस समय बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहा है। अमेरिका में टैरिफ का डर और यूरोप में मंदी की वजह से उद्योग पर दबाव बढ़ गया है। इसके साथ ही, भारत में कपास की कम पैदावार और MSP के कारण घरेलू कपास महंगा हो गया है। ऊपर से 11% आयात शुल्क उद्योग की मुश्किलें और बढ़ा देता है।

टेक्सटाइल उद्योग को राहत देने की जरूरत
उन्होंने कहा कि अगर टेक्सटाइल उद्योग को बचाना है, तो सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली कच्चे कपास की सप्लाई सुनिश्चित करनी होगी। किसान तो MSP से सुरक्षित हैं, अब जरूरत टेक्सटाइल उद्योग को राहत देने की है। अगर अभी मदद नहीं मिली, तो बेरोजगारी बढ़ सकती है, उद्योग बंद हो सकते हैं और लोन डिफॉल्ट बढ़ सकते हैं।

ये भी पढ़ें - रमेश चंद की किसानों से अपील, बिना MSP वाली फसलों में है ज्यादा कमाई

2030 तक 100 बिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य
CAI के अनुसार, शुल्क हटाने से भारत का टेक्सटाइल उद्योग विश्व बाज़ार में और मजबूत होगा तथा 2030 तक 100 बिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

आयात शुल्क हटाना क्यों जरूरी?
कोटक ने बताया कि इस साल अनियमित बारिश के कारण भारतीय कपास की गुणवत्ता खराब हुई है। ऐसे में मिलों को आयात करना ही पड़ेगा। अगर 11% शुल्क जारी रहा, तो भारतीय उत्पाद महंगे होंगे और खरीदार वियतनाम, बांग्लादेश, पाकिस्तान जैसे देशों की ओर चले जाएंगे। इससे भारत की वैश्विक हिस्सेदारी को बड़ा नुकसान होगा।उन्होंने याद दिलाया कि कोविड से पहले कपास पर कोई आयात शुल्क नहीं था और इसका किसानों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा था। CAI का कहना है कि पूरा कपास और टेक्सटाइल उद्योग तभी टिक पाएगा जब यह 11% आयात शुल्क हटाया जाए।

309.5 लाख गांठ कपास उत्पादन का अनुमान
नए अनुमान के अनुसार, 2025–26 में भारत 50 लाख गांठ कपास आयात कर सकता है, जो पिछले साल से ज़्यादा है। इस साल देश में कपास उत्पादन 309.5 लाख गांठ और खपत 295 लाख गांठ रहने का अनुमान है।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— कच्चे कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की जाए: CAI की अपील

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs