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इस विधि से करें लहसुन की खेती, 30 फीसदी अधिक उत्पादन की गारंटी

Mulching तकनीक एक ऐसी विधि है, जिसमें प्लास्टिक शीट या दूसरे जैविक पदार्थों से मिट्टी को ढक दिया जाता है। इससे खरपतवार नहीं उगती, मिट्टी में नमी बनी रहती है और पोषण का अधिकतम उपयोग संभव होता है।

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Pooja Rai· Correspondent

7 जुलाई 2025· 2 min read

इस विधि से करें लहसुन की खेती, 30 फीसदी अधिक उत्पादन की गारंटी

इस विधि से करें लहसुन की खेती, 30 फीसदी अधिक उत्पादन की गारंटी

'परंपरागत तरीके से उगाए गए लहसुन का दाम 15,000-16,000 रुपये प्रति क्विंटल मिला, जबकि मल्चिंग विधि से उगाए गए लहसुन का दाम 25,000-27,000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिला।' ये कहना है मध्य प्रदेश के रतलाम के किसान जगदीश पाटीदार का।

अगर आप बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती करना चाहते हैं। लेकिन आप सोच रहे हैं कि ऐसा कैसे करें कि उत्पादन भी अच्छा हो और गुणवत्ता भी अच्छी हो, ताकि बाजार में आपको सही कीमत मिले। तो इसके लिए आप Mulching तकनीक से लहसुन की खेती कर सकते हैं।

जगदीश बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती करते हैं। उनका दावा है कि इस विधि से उत्पादन तो ज़्यादा होता ही है। उत्पाद की गुणवत्ता भी अच्छी होती है, जिससे किसानों को मंडी में अच्छा भाव मिलता है और मुनाफा होता है। आपको बता दें कि लहसुन की बुवाई सितंबर अक्टूबर महीने में की जाती है, तो अगर आप इस बार लहसुन की अच्छी खेती करना चाहते हैं तो अभी दो महीने का समय है इस बारे सोच सकते हैं, तैयारी कर सकते हैं।

जगदीश ने इसके कई और फायदे भी बताए, जैसे -
मिट्टी की उर्वरता और उत्पादन क्षमता बनी रहती है, जिससे लगातार बेहतर उत्पादन मिलता है।
परंपरागत खेती के मुकाबले मल्चिंग तकनीक से 20-30% ज्यादा उत्पादन होता है।
क्वालिटी अच्छी होने की वजह से उत्पाद का दाम ज़्यादा मिलता है, जिससे किसानों को मुनाफा होता है।
Soil health के नजरिये से देखें तो मिट्टी में नमी और पोषण बना रहता है।

Mulching तकनीक एक ऐसी विधि है, जिसमें प्लास्टिक शीट या दूसरे जैविक पदार्थों से मिट्टी को ढक दिया जाता है। इससे खरपतवार नहीं उगती, मिट्टी में नमी बनी रहती है और पोषण का अधिकतम उपयोग संभव होता है।

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