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आंध्र प्रदेश, गुजरात समेत प्रमुख राज्यों में तुअर की खरीद शुरू, सरकार 100% तुअर, उड़द और मसूर की खरीद करेगी

केंद्र सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तुअर (अरहर) की खरीद शुरू कर दी है. कृषि मंत्रालय के मुताबिक़ 11 मार्च तक आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना सहित प्रमुख उत्पादक

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Pooja Rai· Correspondent

14 मार्च 2025· 3 min read

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आंध्र प्रदेश, गुजरात समेत प्रमुख राज्यों में तुअर की खरीद शुरू, सरकार 100% तुअर, उड़द और मसूर की खरीद करेगी

आंध्र प्रदेश, गुजरात समेत प्रमुख राज्यों में तुअर की खरीद शुरू, सरकार 100% तुअर, उड़द और मसूर की खरीद करेगी

केंद्र सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तुअर (अरहर) की खरीद शुरू कर दी है. कृषि मंत्रालय के मुताबिक़ 11 मार्च तक आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना सहित प्रमुख उत्पादक राज्यों में कुल 1.31 लाख मीट्रिक टन तुअर की खरीद की गई है, जिससे इन राज्यों के 89,219 किसानों को लाभ मिला है. तुअर की खरीद नैफेड के ई-समृद्धि पोर्टल और एनसीसीएफ के संयुक्ति पोर्टल पर पहले से रजिस्टर्ड किसानों से भी की जाती है. केंद्रीय नोडल एजेंसियों नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से किसानों से 100 प्रतिशत तुअर खरीदने के लिए कमिटेड है.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुअर (अरहर) मसूर और उड़द की खरीद को क्रमश: 13.22 एलएमटी, 9.40 एलएमटी और 1.35 एलएमटी की सीमा तक मंजूरी दी. उन्होंने खरीफ 2024-25 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश राज्यों में कुल 13.22 एलएमटी मात्रा के लिए तुअर (अरहर) की खरीद को मंजूरी दी.
इंटीग्रेटेड प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान(PM-ASHA) की मूल्य समर्थन योजना के तहत निर्धारित उचित औसत गुणवत्ता के अनुरूप अधिसूचित दलहन, तिलहन और खोपरा की खरीद केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा राज्य स्तरीय एजेंसियों के जरिए प्री-रजिस्टर्ड किसानों से सीधे MSP पर की जाती है.

ये भी पढ़ें - गन्ना आधारित प्लांट को बहु-फ़ीड आधारित इथेनॉल प्लांट में बदला जाएगा, बढ़ेगा इथेनॉल का उत्पादन

इन दलों की होगी 100% खरीद
दलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने में योगदान देने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए, सरकार ने खरीद वर्ष 2024-25 के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत तुअर, उड़द और मसूर के पूरे उत्पादन की खरीद को मंजूरी दी है. सरकार ने बजट 2025-26 में यह भी घोषणा की है कि देश में दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से 2028-29 तक चार साल के लिए राज्य के उत्पादन के लिए तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद की जाएगी.

2025-26 तक जारी रहेगी पीएम-आशा योजना
भारत सरकार ने 15वें वित्त आयोग साइकल के दौरान 2025-26 तक इंटीग्रेटेड पीएम-आशा योजना को जारी रखने को मंजूरी दी. कृषि मंत्रालय के मुताबिक़ इंटीग्रेटेड पीएम-आशा योजना खरीद के कार्यान्वयन में अधिक प्रभावशीलता लाने के लिए संचालित की जाती है, जो न केवल किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य देने में मदद करती है, बल्कि उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करती है और आवश्यक वस्तुओं की कीमत में उतार-चढ़ाव को भी नियंत्रित करती है.

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