News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. असम के चाय किसानों के लिए खुशखबरी, केंद्र की मदद से किसान 5% चाय बागानों पर करेंगे ऑयल पाम की खेती
एग्री बुलेटिन

असम के चाय किसानों के लिए खुशखबरी, केंद्र की मदद से किसान 5% चाय बागानों पर करेंगे ऑयल पाम की खेती

केंद्र सरकार ने असम के चाय बागानों को अपने प्रमुख ऑयल पाम मिशन का लाभ उठाने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय उत्तर-पूर्वी चाय संघ के अनुरोध के बाद लिया गया है। उत्तर-पूर्वी चाय संघ ने 4 फरवरी 2025 को कें

NP

Pooja Rai·Correspondent·04 Apr 2025· 2 min read

असम के चाय किसानों के लिए खुशखबरी, केंद्र की मदद से किसान 5% चाय बागानों पर करेंगे ऑयल पाम की खेती

असम के चाय किसानों के लिए खुशखबरी, केंद्र की मदद से किसान 5% चाय बागानों पर करेंगे ऑयल पाम की खेती

केंद्र सरकार ने असम के चाय बागानों को अपने प्रमुख ऑयल पाम मिशन का लाभ उठाने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय उत्तर-पूर्वी चाय संघ के अनुरोध के बाद लिया गया है। उत्तर-पूर्वी चाय संघ ने 4 फरवरी 2025 को केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखकर असम के चाय बागानों को इस योजना के दायरे में लाने की अपील की थी। आपको बता दें कि भारत खाद्य तेलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर पाम ऑयल के आयात पर निर्भर है। ऐसे में NMEO-OP मिशन से स्वदेशी खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने और आयात खर्च को कम करने में मदद मिलेगी।

ऑयल पाम की खेती के लिए भारी पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है, खासकर पहले चार वर्षों में जब फसल तैयार नहीं होती। चाय उद्योग को उम्मीद है कि केंद्र सरकार की NMEO-OP मिशन के तहत मिलने वाली सहायता से उनकी मौजूदा आर्थिक चुनौतियों को हल करने में मदद मिलेगी। उत्तर पूर्वी चाय संघ(NETA) के सलाहकार बिद्यानंद बरकाकोटी के मुताबिक चाय बागानों में ऑयल पाम लगाने से उद्योग को मजबूती मिलेगी।
NETA ने अपने अध्ययन में पाया कि चाय और ऑयल पाम की खेती को संतुलित रूप से किया जा सकता है। इसके अलावा, अगर चाय बागानों की 5 फीसदी भूमि पर अगर पेड़, ऑयल पाम और अन्य नकदी फसलों की खेती की जाए, तो यह उद्योग की आर्थिक स्थिति को सुधारने में कारगर साबित हो सकता है। असम सरकार ने अक्तूबर 2022 में चाय बागानों की 5 फीसदी भूमि पर नकदी फसल उगाने की अनुमति दी थी। इसके बाद जनवरी 2025 में असम कैबिनेट ने ऑयल पाम को नकदी फसल के रूप में मान्यता दी।

ये भी पढ़ें - सरकार ने 25 मार्च तक MSP पर खरीदा 99.41 लाख गांठ कपास, मंत्री ने राज्यसभा में दी जानकारी

क्या है राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- ऑयल पाम (NMEO-OP)?
इस योजना के तहत किसानों और बागान मालिकों को रोपण सामग्री, चार साल तक की देखभाल, सहायक फसल के लिए इनपुट, भूमि समतलीकरण, बायो-फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई, बोरवेल/पंप सेट/जल संचयन संरचना/वर्मी कंपोस्ट इकाई, कटाई के उपकरण जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए इसमें विशेष पैकेज भी शामिल है। यह योजना 2025-26 तक लागू रहेगी।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— असम के चाय किसानों के लिए खुशखबरी, केंद्र की मदद से किसान 5% चाय बागानों पर करेंगे ऑयल पाम की खेती

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsassamkheti kisaniNews PotliNMEO-OPpalm oiltea farmingखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs