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अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशकों से किसानों को निजात दिलाने के लिए गंभीरता से काम होगा: कृषि मंत्री चौहान

वाराणसी में समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने सब्जी उत्पादन बढ़ाने के लिए जीनोम एडिटिंग, बीज उपचार, जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती के लाभ को किसानों तक पहुंचाने और नकली खाद, अमानक बीज एवं पेस्टिसाइड

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Pooja Rai· Correspondent

28 जून 2025· 3 min read

agriculture newskheti kisaniNews Potli
अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशकों से किसानों को निजात दिलाने के लिए गंभीरता से काम होगा: कृषि मंत्री चौहान

अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशकों से किसानों को निजात दिलाने के लिए गंभीरता से काम होगा: कृषि मंत्री चौहान

वाराणसी में समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने सब्जी उत्पादन बढ़ाने के लिए जीनोम एडिटिंग, बीज उपचार, जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती के लाभ को किसानों तक पहुंचाने और नकली खाद, अमानक बीज एवं पेस्टिसाइड जैसी समस्याओं से किसानों को निजात दिलाने के लिए कार्य-योजना बनाये जाने की बात कही।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) के वैज्ञानिकों, कृषि से जुड़े पदाधिकारियों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के विशेषज्ञों के साथ किसानों की आय बढ़ाने और बेहतर उत्पादन के लिए समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कृषि की दशा ठीक करने के लिए नई वैरायटी, किसानों के इनोवेशन, उन्नत प्रौद्योगिकी और खेतों में किसानों को होने वाली समस्या को दूर करने की दिशा में कार्य करना होगा।

सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैज्ञानिकों को ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ को आगे बढ़ाने और किसानों के साथ संवाद को तीव्र गति देने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश में 16 हजार कृषि वैज्ञानिक हैं जो शोध करते हैं और उन्नत क्वॉलिटी के बीज तैयार करते हैं। उन्होंने ‘लैब टू लैंड’ कार्यक्रम की प्रशंसा की और कहा कि इससे किसानों की जरूरतों के अनुसार शोध किया जा सकता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि
केंद्रीय कृषि मंत्री ने टमाटर की शेल्फ लाइफ बढ़ाने, सूखे पाउडर और एक्सपोर्ट को बढ़ाने वाली फसलों का विकास करने, जैविक और परंपरागत खेती से उत्पादन के वैज्ञानिक तथ्यों पर डेटा जुटाने, जीन एडिटिंग पर तेजी से कार्य करने और ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ से मिले अऩुभवों के आधार पर किसान और खेत की आवश्यकता के अनुसार शोध करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने आईआईवीआर के वैज्ञानिकों से इस अभियान से प्राप्त अनुभवों पर एक ब्रेन स्टॉर्मिंग करके किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कार्य करने के दिशा-निर्देश दिए।

ये भी पढ़ें - कपास पर कोयंबटूर, गन्ने पर मेरठ, दलहन पर कानपुर में संवाद किया जाएगा, इंदौर में पत्रकार वार्ता में बोले कृषि मंत्री चौहान

उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर देना होगा
उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा किए जा रहे नवाचारों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर देना होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि देश में कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने, उपज के नुकसान की भरपाई करने, उत्पादन के उचित दाम देने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का काम हो रहा है। विभिन्न विभागों, केवीके एवं राज्य के कृषि विभाग के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल के साथ तत्परता से किसान कल्याण के प्रयास जारी है।

आगामी रबी सीजन पर काम करने की बात कही
केंद्रीय कृषि मंत्री ने आगामी रबी सीजन के लिए क्षेत्रवार कार्य-योजना तैयार करने पर जोर दिया और कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती को देखते हुए सब्जी उत्पादन प्रणाली में अधिक लचीलापन लाना होगा। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों और शोध संस्थानों को समन्वय का एक प्रभावी माध्यम बताते हुए किसानों तक तकनीक हस्तांतरण की गति तेज करने पर बल दिया।

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