Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. अंकुरित आलू क्यों नहीं खाना चाहिए?
एग्री बुलेटिन

अंकुरित आलू क्यों नहीं खाना चाहिए?

आलू एक ऐसा कंद है, जिसे हममें से अधिकांश लोग हर रोज़ अपनी डाइट में शामिल करते हैं। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी इसे खूब पसंद करते हैं। शायद ही कोई ऐसी सब्जी हो जिसके साथ इसे मिलाकर न बनाया जाता हो। इस

NP

Pooja Rai· Correspondent

20 जून 2025· 3 min read

agriculture newskheti kisaniNews Potli
अंकुरित आलू क्यों नहीं खाना चाहिए?

अंकुरित आलू क्यों नहीं खाना चाहिए?

आलू एक ऐसा कंद है, जिसे हममें से अधिकांश लोग हर रोज़ अपनी डाइट में शामिल करते हैं। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी इसे खूब पसंद करते हैं। शायद ही कोई ऐसी सब्जी हो जिसके साथ इसे मिलाकर न बनाया जाता हो। इसमें भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जो एक आवश्यक पोषक तत्व है और हम सबके लिए जरूरी है। भारत में बड़े पैमाने पर इसकी खेती होती है। उसमें भी सबसे ज़्यादा इसका उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है।

अब सवाल ये है की क्या हमे किसी भी तरह का आलू खा जाना चाहिए? जैसा कि हम देखते हैं कई आलू हरे रंग के होते हैं, कई बार आलू को काटने पर अंदर लाल रंग दिखता है। कई बार हम देखते हैं कि रखे रखे आलू अंकुरित हो जाता है। तो क्या इस तरह का आलू भी खाने में शामिल करना चाहिए या नहीं?

क्यों नहीं खाना चाहिए?
जबाब है नहीं, आलू का अंकुरित होना इस बात का संकेत है कि वो एक पौधे के रूप में बढ़ने की कोशिश कर रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान आलू में जहरीला ग्लाइकोएल्कलॉइड बढ़ने लगता है। ये पौधों को फफूंद और कीड़ों से बचाता है। एक रिसर्च के मुताबिक अंकुरित आलू में सबसे बड़ा खतरा ग्लाइकोएल्कलॉइड है। इसकी वजह से आलू कड़वा हो जाता है और इस कारण उल्टियां हो सकती हैं। इसकी मौजूदगी का पता आपको आलू में हरे रंग से पता चल जाता है। इसलिए आपको हरे रंग में तब्दील हो चुके आलू नहीं खाने चाहिए। यही कारण है कि अंकुरित या लंबे समय तक रखे गए आलू इंसानों और जानवरों के लिए स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।

ये भी पढ़ें - प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध, कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: कृषि मंत्री शाही

आलू अंकुरित हो गया हो तो क्या करें ?
पहली बात तो आप वैसा आलू खरीदें ही नहीं। और अगर घर पर रखे रखे अंकुरण हो गया है तो अगर अंकुर छोटा हो तो इसे बनाने से पहले काट लीजिए। वहीं अगर अंकुर एक इंच से अधिक लंबे हों या आलू नरम हों तो उसे फेंक देना चाहिए। रिसर्च के मुताबिक आलू में हरे रंग के हिस्से को काट देना चाहिए ऐसा इसलिए क्योंकि ये अधिक ज़हरीला होता है।अगर आलू में सड़न या फफूंदी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो इसे फेंक देना ही अच्छा होता है।

आलू कैसे सही से स्टोर करें
आलू को (3-10°C) के बीच सूखी और अंधेरे वाली जगहों में रख सकते हैं.
आलू के भंडारण से पहले इसे धोना नहीं चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे सड़न बढ़ती है.
आलू को प्याज से दूर रखना चाहिए. दोनों से गैस और नमी निकलती है, जिससे अंकुरण तेज होता है.

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— अंकुरित आलू क्यों नहीं खाना चाहिए?

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs