News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. बंपर उत्पादन के लिए मार्च-अप्रैल में ऐसे करें मेंथा की खेती , CIMAP के वैज्ञानिक ने दी सलाह
एग्री बुलेटिन

बंपर उत्पादन के लिए मार्च-अप्रैल में ऐसे करें मेंथा की खेती , CIMAP के वैज्ञानिक ने दी सलाह

मेंथा को कृषि क्षेत्र में नकदी फसल के रूप में भी जाना जाता है, हालांकि इसका उपयोग दशकों से आयुर्वेद में विभिन्न दवाओं के लिए किया जाता है, इसलिए मेंथा ( पोदीना, पिपरमेंट ) की खेती कश्मीर, पंजाब, उत्तर

Pooja Rai

Pooja Rai·17 Mar 2025· 4 min read

बंपर उत्पादन के लिए मार्च-अप्रैल में ऐसे करें मेंथा की खेती ,  CIMAP के वैज्ञानिक ने दी सलाह

बंपर उत्पादन के लिए मार्च-अप्रैल में ऐसे करें मेंथा की खेती , CIMAP के वैज्ञानिक ने दी सलाह

मेंथा को कृषि क्षेत्र में नकदी फसल के रूप में भी जाना जाता है, हालांकि इसका उपयोग दशकों से आयुर्वेद में विभिन्न दवाओं के लिए किया जाता है, इसलिए मेंथा ( पोदीना, पिपरमेंट ) की खेती कश्मीर, पंजाब, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड सहित भारत के कई क्षेत्रों में की जाती है। मेंथा उत्तर प्रदेश में बड़े क्षेत्रों में उगाया जाता है, उच्च मांग के कारण कई क्षेत्रों में इसकी खेती लोकप्रिय हो रही है। मेंथा की नई किस्में, खेती की उन्नत तकनीक की खोज करने वाले संस्थान CIMAP के वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक अगर किसान कुछ बातों का ध्यान रखें तो मेंथा से 3 महीने में ही बहुत अच्छी कमाई हो सकती है।

ज़्यादातर किसान मेंथा की रोपाई गेहूं की कटाई के बाद की जाती है।CIMAP के प्रधान वैज्ञानिक डॉ राजेश कुमार ने मार्च-अप्रैल में मेंथा की खेती करने के टिप्स बताये हैं जिससे फसल का उत्पादन अच्छा होगा और तेल भी अधिक निकलेगा। मेंथा की रोपाई का सही समय फरवरी से लेकर अप्रैल तक माना जाता है।

दवा से लेकर सौंदर्य प्रसाधन और खाद्य पदार्थों तक इसके उपयोग के कारण मेंथा तेल की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण किसानों को बहुत अच्छा मुनाफा हो रहा है, और भारत इसका सबसे बड़ा उत्पादक है, विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान समय-समय पर मेंथा की खेती के लिए काम करते हैं और सरकार द्वारा मेंथा की खेती के लिए कई योजनाएँ बनाई जाती हैं, जिसका लाभ ले कर किसान अनुदान प्राप्त करके खेती कर सकते हैं।

इस किस्म की रोपाई करें
मेंथा की खेती करने वाले ज्यादातर किसान “सिम उन्नत किस्म” की रोपाई करते हैं। डॉ. राजेश वर्मा के मुताबिक़ यूपी के लगभग 90 % किसान सिम उन्नत किस्म की खेती करते हैं। क्योंकि इसमें तेल ज्यादा निकलती है। उन्होंने बताया कि सिम उन्नत के अलावा कोशी, सिम क्रांति की भी बड़े पैमाने पर खेती होती है। किसानों को सलाह देते हुए कहा कि जो किसान गेहूं की कटाई करके मेंथा की खेती करना चाहते हैं वे कोशी किस्म, सिम क्रांति किस्म का चुनाव करें। गेहूं के खेत अप्रैल महीने में खाली होता है ऐसे में किसानों को इस बात का विशेष ध्यान रखें कि लाइन की लाइन से दूरी 1.5 फीट रखनी चाहिए व पौधे से पौधे की दूरी 12 से 15 सेमी रखनी चाहिए। अप्रैल के महीने में मेंथा की फसल लगाने से फसल को समय कम मिलता है ऐसे में पौधे कम दूरी पर लगाने चाहिए।

ये भी पढ़ें - पपीता, अमरूद, स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए सब्सिडी दे रही है बिहार सरकार

रेज्ड विधि से करें मेंथा की खेती
उन्होंने बताया कि ज्यादातर किसान मेंथा की खेती समतल जमीन पर करते हैं, लेकिन अगर वो अपनी खेती के तरीके में थोड़ा बदलाव कर दें तो कम लागत, कम सिंचाई में ज्यादा उत्पादन मिलेगा। उनके मुताबिक़ मेंथा या मिंट की खेती रेज्ड बेड (नालियां बनाकर) विधि से करनी चाहिए। ऐसे में उत्पादन क्षमता 20 से 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। अगर रोपाई मार्च में हो जाती है तो जून तक किसान दो कटाई कर सकते हैं। रेज्ड या नाली विधि मतलब आलू की बोने की तरह ट्रैक्टर से नालियां बनाई जाएं और उसके ऊपर हिस्से में किनारे पर तैयार पौध की रोपाई की जाए। बताया कि रेज्ड बेड विधि से मेंथा की ऱोपाई करने पर उर्वरक कम लगता है और पौधों की संख्या भी बढ़ जाती है। इसके अलावा खरपतावर की समस्या भी कम होती है। नाली के ऊपर रोपाई का एक फायदा ये भी होता है कि निराई, गुड़ाई का खर्च बच जाता है, साथी सिंचाई, उर्वरक या कीटनाशक का छिड़काव करने के दौरान पौधों को नुकसान नहीं होता है।

खाद प्रबंधन
खेत में गोबर की सड़ी हुई खाद या वर्मी कम्पोस्ट डालने से रासायनिक उर्वरक की मात्रा में 25 से 50% तक कम की जा सकती है। डॉ. वर्मा ने बताया कि मेंथा की फसल में जिंक सल्फेट व आयरन सल्फेट 12 से 15 किग्रा प्रति हेक्टेयर डालने से 20 से 25 प्रतिशत अधिक तेल निकलता है। जब फसल 45 दिन की हो जाए तो उसमें जिंक सल्फेट 12 से 15 किग्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से डालें। 60 दिन की फसल होने पर आयरन सल्फेट 12 से 15 किग्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से डालें। यूरिया, फास्फोरस, पोटैशियम नाइट्रोजन की पर्याप्त में डालें। इससे उत्पादन अच्छा होता है।

वीडियो देखिए -

News Potli.
Clip & Share
“

— बंपर उत्पादन के लिए मार्च-अप्रैल में ऐसे करें मेंथा की खेती , CIMAP के वैज्ञानिक ने दी सलाह

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newscimapkheti kisanimentha farmingmintNews Potliuttar pradeshखेती किसानी
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

Agribulletin
एग्री बुलेटिन

आलू किसानों को राहत से लेकर यूरिया की कीमत तक, इस हफ्ते की 6 बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में किसानों से जुड़ी कई अहम खबरें शामिल हैं। इसमें आलू किसानों को कोल्ड स्टोरेज शुल्क में राहत, यूरिया की कीमत, एथेनॉल उत्पादन, गन्ने में प्लासी बोरर का खतरा, मौसम का हाल और मक्का, गेहूं व तुअर के ताजा बाजार भाव की जानकारी मिलेगी।

News Potli·16 Aug 2026
Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें
एग्री बुलेटिन

Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में खेती-किसानी से जुड़ी कई अहम खबरों पर नजर डालेंगे। नकली बीज-खाद की शिकायत की हेल्पलाइन से लेकर Draft Seeds Bill 2025, भारत-अमेरिका की सोयाबीन रिसर्च, अरहर के T2T जीनोम और एथेनॉल नीति के अपडेट जानेंगे। साथ ही अलग-अलग राज्यों की किसान योजनाओं, मंडी भाव, फसल उत्पादन और मॉनसून की ताजा स्थिति की पूरी जानकारी मिलेगी।

Pooja Rai·09 Aug 2026
Agribulletin
एग्री बुलेटिन

MSP घोटाले से PM-Kisan तक, इस हफ्ते की 5 बड़ी कृषि खबरें Agri Bulletin में देखिए

इस हफ्ते के Agribulletin में कृषि जगत की बड़ी खबरें देखिए

Pooja Rai·02 Aug 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs