News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. बाजार
  3. गेहूं निर्यात से हटी पाबंदी, भारत फिर खोलेगा वैश्विक बाजार का रास्ता
बाजार

गेहूं निर्यात से हटी पाबंदी, भारत फिर खोलेगा वैश्विक बाजार का रास्ता

भारत ने मई 2022 में बड़े पैमाने पर गेहूं के निर्यात पर रोक लगाई थी। उस समय रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक अनाज बाजार में भारी अनिश्चितता पैदा हो गई थी। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना था।

Mithilesh Dhar Dubey

Mithilesh Dhar Dubey·ASSOCIATE EDITOR (CONTENT)·25 Aug 2026

भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात पर लगी लंबी पाबंदी को हटा दिया है।

भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात पर लगी लंबी पाबंदी को हटा दिया है।

भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात पर लगी लंबी पाबंदी को हटा दिया है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक अब ड्यूरम गेहूं के साथ-साथ आटा और गेहूं से बने कुछ अन्य उत्पादों के निर्यात की भी अनुमति होगी।

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में गेहूं की आपूर्ति को लेकर दबाव बना हुआ है। भारत के पास इस समय गेहूं का पर्याप्त भंडार और रिकॉर्ड उत्पादन है। भारत की पिछली गेहूं की फसल करीब 120.6 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। उत्पादन में मजबूती के बाद सरकार ने अब घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं भेजने की अनुमति दी है।

इससे भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं और किसानों को भी बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है।

2022 में क्यों लगाया गया था प्रतिबंध?

भारत ने मई 2022 में बड़े पैमाने पर गेहूं के निर्यात पर रोक लगाई थी। उस समय रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक अनाज बाजार में भारी अनिश्चितता पैदा हो गई थी। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना था। इसके बाद निर्यात पर सख्त नियंत्रण जारी रहा। हालांकि, इस साल फरवरी में सरकार ने सीमित मात्रा में गेहूं के निर्यात की अनुमति देकर धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए रास्ता खोलना शुरू कर दिया था।

दुनिया के गेहूं बाजार पर क्या असर होगा?

भारत के दोबारा अंतरराष्ट्रीय बाजार में आने से वैश्विक गेहूं की सप्लाई बढ़ सकती है। खासतौर पर एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया के उन देशों को फायदा हो सकता है जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करते हैं।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की वजह से काला सागर क्षेत्र से अनाज की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। ऐसे में भारत से बढ़ने वाली सप्लाई वैश्विक बाजार के लिए एक अतिरिक्त विकल्प बन सकती है।

किसानों और निर्यातकों पर क्‍या असर पड़ेगा?

निर्यात पर रोक हटने से भारतीय गेहूं के लिए विदेशी बाजार खुलेंगे। इससे निर्यातकों को कारोबार बढ़ाने का मौका मिलेगा और अगर अंतरराष्ट्रीय मांग मजबूत रहती है तो किसानों को भी अपनी उपज के बेहतर दाम मिल सकते हैं।

हालांकि, इसका दूसरा पहलू भी है। सरकार को घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों और उपलब्धता पर लगातार नजर रखनी होगी, ताकि निर्यात बढ़ने के बावजूद देश के भीतर गेहूं महंगा न हो।

यानी यह फैसला सिर्फ निर्यात बढ़ाने का नहीं, बल्कि भारत की रिकॉर्ड गेहूं पैदावार को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और घरेलू खाद्य सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने का भी फैसला है।

News Potli.
Clip & Share
“

— गेहूं निर्यात से हटी पाबंदी, भारत फिर खोलेगा वैश्विक बाजार का रास्ता

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Wheat exports Wheat Production Durum Wheat
Mithilesh Dhar Dubey

About the Author

Mithilesh Dhar Dubey

ASSOCIATE EDITOR (CONTENT)

ASSOCIATE EDITOR (CONTENT) Ex-Principal correspondent for IndiaSpend Hindi. Previously at Gaon Connection, Nav Bharat Times, Prabhat Khabar, and Dainik Bhaskar. Expertise in agriculture, education, and climate change.

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

मसालों के निर्यात में गिरावट, मिर्च और जीरे की कमजोर मांग का असर
बाजार

मसालों के निर्यात में गिरावट, मिर्च और जीरे की कमजोर मांग का असर

मात्रा के लिहाज से भी मसालों का निर्यात 4 प्रतिशत घटकर 17.34 लाख टन रहा, जबकि एक साल पहले यह 17.99 लाख टन था।

Mithilesh Dhar Dubey·
रबी फसलों के दाम: गेहूं-चना MSP से नीचे, सरसों किसानों के लिए बनी फायदे का सौदा
बाजार

रबी फसलों के दाम: गेहूं-चना MSP से नीचे, सरसों किसानों के लिए बनी फायदे का सौदा

एगमार्कनेट के मंडी आंकड़ों के अनुसार, 8 जुलाई तक गेहूं को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख रबी फसलों के दाम पिछले तीन महीनों के औसत से ऊपर चल रहे हैं।

Mithilesh Dhar Dubey·
2025-26 फसल वर्ष में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 5% बढ़ा
बाजार

2025-26 फसल वर्ष में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 5% बढ़ा

चावल उत्पादन रिकॉर्ड 154 मिलियन टन पहुंचा, गेहूं भी 120.66 मिलियन टन के नए शिखर पर।

News Potli·
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs