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चीनी की कीमत बढ़ाई तो होगी कार्रवाई, यूपी सरकार ने तय की 5,000 रुपये प्रति क्विंटल की सीमा

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में साफ कहा गया है कि किसी भी स्थिति में चीनी का एक्स-मिल भाव 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

Pooja Rai

Pooja Rai·03 Sep 2026

चीनी की कीमत बढ़ाई तो होगी कार्रवाई, यूपी सरकार ने तय की 5,000 रुपये प्रति क्विंटल की सीमा

त्योहारों के सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चीनी मिलों के लिए बिक्री की अधिकतम कीमत तय कर दी है। अब कोई भी मिल व्यापारियों या एजेंटों को चीनी 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा के भाव पर नहीं बेच सकेगी।

5,000 रुपये से ज्यादा भाव पर होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में साफ कहा गया है कि किसी भी स्थिति में चीनी का एक्स-मिल भाव 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

अगर कोई चीनी मिल इससे ज्यादा कीमत पर चीनी बेचती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा जमाखोरी और कालाबाजारी के मामले में भी कार्रवाई होगी। सरकार ने इसे आपराधिक मामला माना है।

हर दिन चीनी का भाव बताना होगा

सरकार ने सभी चीनी मिलों को अपने रोजाना के भाव की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश दिया है। मिलों को हर दिन दोपहर 1 बजे तक उस दिन का चीनी बिक्री भाव अपलोड करना होगा।

इससे सरकार को चीनी के बाजार भाव पर नजर रखने में मदद मिलेगी और मनमाने तरीके से कीमत बढ़ाने पर कार्रवाई की जा सकेगी।

चीनी उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार भी इसी तरह की व्यवस्था लागू कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो देश के दो बड़े चीनी उत्पादक राज्यों में चीनी की कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं।

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