पनीर खरीदते समय क्या आपको पता है कि जो चीज आप पनीर समझकर खरीद रहे हैं, वह असली दूध से बना है या नहीं? एनालॉग पनीर को लेकर देश में चिंता बढ़ रही है। इसी बीच तेलंगाना सरकार ने असली पनीर के नाम पर बेचे जा रहे नॉन-डेयरी पनीर के बनाने और बेचने पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। अब राज्य में इसके बनाने, रखने, सप्लाई करने और बेचने पर रोक रहेगी। तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स (TG SAFE) ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत यह आदेश जारी किया है। यह रोक 10 सितंबर 2026 से एक साल तक लागू रहेगी।
कई राज्यों में हो चुकी है कार्रवाई
एनालॉग पनीर को लेकर तेलंगाना अकेला राज्य नहीं है। इससे पहले छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में भी इसके खिलाफ रोक या कार्रवाई की रिपोर्ट सामने आई है।
कई राज्यों में ऐसे प्रोडक्ट को बनाने, स्टोर करने, सप्लाई करने और बेचने पर एक साल तक की रोक लगाई गई है, खासकर तब जब इन्हें असली पनीर बताकर बेचा जा रहा हो।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर ऐसा प्रोडक्ट है जिसमें असली दूध और डेयरी फैट की जगह वेजिटेबल फैट, वेजिटेबल ऑयल, स्टार्च और दूसरे नॉन-डेयरी पदार्थों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे अगर असली पनीर के नाम पर बेचा जाए तो यह उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है।
तेलंगाना में अब सरकार ने ऐसे पनीर की मैन्युफैक्चरिंग से लेकर बिक्री तक पर ही रोक लगा दी है।





