News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. बाजार
  3. चीनी के स्टॉक पर सरकार की सख्ती, डीलरों के लिए नई लिमिट लागू
बाजार

चीनी के स्टॉक पर सरकार की सख्ती, डीलरों के लिए नई लिमिट लागू

अब चीनी डीलर ज्यादा से ज्यादा 1,000 क्विंटल चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। यह नियम 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा। डीलरों को यह स्टॉक अधिकतम 15 दिनों तक ही रखने की अनुमति होगी।

News Potli

News Potli·News Potli Desk·02 Oct 2026

चीनी के स्टॉक पर सरकार की सख्ती, डीलरों के लिए नई लिमिट लागू

त्योहारों के सीजन में चीनी की कीमतें न बढ़ें और बाजार में इसकी कमी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने चीनी के स्टॉक को लेकर नियम और सख्त कर दिए हैं। अब चीनी डीलर ज्यादा से ज्यादा 1,000 क्विंटल चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। यह नियम 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा। डीलरों को यह स्टॉक अधिकतम 15 दिनों तक ही रखने की अनुमति होगी।

खाद्य मंत्रालय के मुताबिक, नए नियमों का मकसद बाजार में चीनी की अनावश्यक जमाखोरी रोकना और त्योहारों के दौरान लोगों को उचित दाम पर चीनी उपलब्ध कराना है।

कोलकाता और असम में 2,000 क्विंटल की लिमिट

सरकार ने कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों और असम के लिए स्टॉक लिमिट 2,000 क्विंटल तय की है। सरकार का कहना है कि इन इलाकों की भौगोलिक स्थिति और परिवहन की दिक्कतों को देखते हुए ज्यादा स्टॉक की अनुमति दी गई है।

कोलकाता उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी खरीदकर पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में इसकी सप्लाई करता है। ऐसे में यहां ज्यादा स्टॉक लिमिट रखने का फैसला किया गया है।

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकना मकसद

सरकार का कहना है कि स्टॉक की मात्रा और उसे रखने की अवधि कम करने से चीनी की सप्लाई चेन में बेवजह स्टॉक जमा नहीं होगा। चीनी मिलों से डीलरों और फिर ग्राहकों तक इसकी सप्लाई बनी रहेगी।

इससे पहले अगस्त में सरकार ने डीलरों के लिए 4,000 क्विंटल की स्टॉक लिमिट तय की थी। इसके साथ स्टॉक रखने की अधिकतम अवधि 30 दिन थी। बाद में 15 सितंबर से इसे घटाकर 2,000 क्विंटल कर दिया गया था। अब सरकार ने इसे और घटाकर 1,000 क्विंटल कर दिया है।

अगस्त के मुकाबले चीनी 15% सस्ती

खाद्य मंत्रालय के मुताबिक, चीनी की औसत खुदरा कीमत अगस्त के सबसे ऊंचे स्तर से करीब 15 फीसदी कम हुई है। आने वाले दिनों में कीमतों में और कमी आने की उम्मीद है।

वहीं, चीनी मिलों से निकलने वाली यानी Ex-Mill कीमतों में करीब 28 फीसदी की गिरावट आई है और पिछले तीन हफ्तों से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। सरकार ने थोक विक्रेताओं और खुदरा दुकानदारों से कहा है कि वे कम हुई कीमतों का फायदा जल्द से जल्द ग्राहकों तक पहुंचाएं।

चीनी मिलों को पेराई शुरू करने की सलाह

सरकार ने चीनी मिलों को अपने इलाके के मौसम और कृषि परिस्थितियों के हिसाब से पेराई शुरू करने की सलाह दी है। राज्य सरकारों से भी स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए पेराई शुरू कराने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

सरकार ने कहा है कि वह El Niño की वजह से कुछ चीनी उत्पादक क्षेत्रों में कम और अनियमित बारिश के गन्ने पर पड़ने वाले असर पर नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता, उपभोक्ताओं के हित और गन्ना किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए समय पर कदम उठाए जाएंगे।

News Potli.
Clip & Share
“

— चीनी के स्टॉक पर सरकार की सख्ती, डीलरों के लिए नई लिमिट लागू

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Sugar stock limitSugar priceSugar Industry
News Potli

About the Author

News Potli

News Potli Desk

Related Coverage

और पढ़ें

मसालों के निर्यात में गिरावट, मिर्च और जीरे की कमजोर मांग का असर
बाजार

मसालों के निर्यात में गिरावट, मिर्च और जीरे की कमजोर मांग का असर

मात्रा के लिहाज से भी मसालों का निर्यात 4 प्रतिशत घटकर 17.34 लाख टन रहा, जबकि एक साल पहले यह 17.99 लाख टन था।

Mithilesh Dhar Dubey·
रबी फसलों के दाम: गेहूं-चना MSP से नीचे, सरसों किसानों के लिए बनी फायदे का सौदा
बाजार

रबी फसलों के दाम: गेहूं-चना MSP से नीचे, सरसों किसानों के लिए बनी फायदे का सौदा

एगमार्कनेट के मंडी आंकड़ों के अनुसार, 8 जुलाई तक गेहूं को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख रबी फसलों के दाम पिछले तीन महीनों के औसत से ऊपर चल रहे हैं।

Mithilesh Dhar Dubey·
2025-26 फसल वर्ष में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 5% बढ़ा
बाजार

2025-26 फसल वर्ष में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 5% बढ़ा

चावल उत्पादन रिकॉर्ड 154 मिलियन टन पहुंचा, गेहूं भी 120.66 मिलियन टन के नए शिखर पर।

News Potli·
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs