दिवाली से पहले चीनी की कीमतों में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने बिक्री का कोटा तय समय से दो दिन पहले जारी कर दिया है। अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े यानी 16 से 31 अक्टूबर के लिए घरेलू चीनी मिलों को 14 लाख टन चीनी बेचने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, आयातकों को 2 लाख टन चीनी बेचने का कोटा दिया गया है। पिछले 10 दिनों में मिलों से बिकने वाली चीनी की कीमत करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी है। सरकार को उम्मीद है कि इससे बाजार में चीनी की उपलब्धता बनी रहेगी और दिवाली के दौरान बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
तीन राज्यों को मिला 83% बिक्री कोटा
खाद्य मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, घरेलू बिक्री के लिए तय 14 लाख टन कोटे में से महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक को कुल 11.59 लाख टन चीनी बेचने की अनुमति मिली है। यह कुल कोटे का करीब 83 फीसदी है। इसमें महाराष्ट्र को 4.76 लाख टन, उत्तर प्रदेश को 4.51 लाख टन और कर्नाटक को 2.32 लाख टन का कोटा मिला है।
कीमतों में तेजी की आशंका
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कुछ चीनी मिलों ने अक्टूबर के पहले पखवाड़े के लिए तय बिक्री कोटे का पूरा इस्तेमाल कर लिया था। इस वजह से वे आगे चीनी नहीं बेच पा रही थीं। बाजार में स्टॉक कम होने की आशंका के बीच कीमतों में तेजी आई। दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। त्योहार के दौरान मिठाइयों और दूसरे खाद्य पदार्थों में चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए सरकार ने बिक्री कोटे की घोषणा पहले कर दी।
दिल्ली में 65 रुपये किलो तक पहुंची चीनी
चीनी की थोक कीमतों में तेजी का असर कुछ खुदरा बाजारों में भी दिखने लगा है। दिल्ली के कुछ इलाकों में चीनी का भाव पिछले दो-तीन दिनों में 60 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश में मिल-स्तर पर चीनी की कीमत करीब 4,450 रुपये से बढ़कर 5,400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है, जबकि महाराष्ट्र में यह करीब 5,100 रुपये प्रति क्विंटल बताई जा रही है। ऐसे में आने वाले 25 दिन चीनी की कीमतों और बाजार में इसकी उपलब्धता के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।





