केंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) 2026-27 के लिए धान खरीद का नया लक्ष्य तय कर दिया है। इस बार सरकार ने 708.64 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल हुई 720.74 लाख टन की खरीद से करीब 12 लाख टन कम है।
सरकारी धान खरीद का नया सीजन 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2027 तक चलेगा। सरकार का यह लक्ष्य राज्यों के साथ हुई बैठक के बाद तय किया गया है।
पिछले तीन साल में कितनी हुई खरीद?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में 720.74 लाख टन, 2024-25 में 708.85 लाख टन और 2023-24 में 689.56 लाख टन धान की सरकारी खरीद हुई थी। यानी इस बार का लक्ष्य पिछले दो साल की वास्तविक खरीद से कम रखा गया है।
धान का रकबा घटने से कम हुआ लक्ष्य
इस बार धान की खेती का रकबा भी पिछले साल के मुकाबले कम है। 28 अगस्त तक करीब 414.10 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हुई थी, जबकि पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 428.46 लाख हेक्टेयर था। रकबा कम होने की वजह से इस साल उत्पादन और सरकारी खरीद को लेकर भी अनुमान थोड़ा कम रखा गया है।
चावल की गुणवत्ता के नियम भी बदलेंगे
सरकार ने इस सीजन से चावल की गुणवत्ता को लेकर भी नियम सख्त करने का फैसला किया है। कच्चे चावल में टूटे दानों की अधिकतम सीमा 25% से घटाकर 10% की जाएगी। वहीं, उसना चावल में यह सीमा 16% से घटाकर 5% की जाएगी। इन बदलावों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
मोटे अनाज की खरीद पर भी जोर
सरकार ने मोटे अनाज और मिलेट्स की खरीद बढ़ाने का भी अनुमान रखा है। इस सीजन में राज्यों के जरिए करीब 18.85 लाख टन मोटे अनाज खरीदने का अनुमान है, जबकि पिछले सीजन में करीब 16.38 लाख टन की खरीद हुई थी।





