हरियाणा के करनाल में धान खरीद शुरू होने से पहले मंडियों में नई व्यवस्था की जा रही है। अब किसान जब धान लेकर मंडी पहुंचेंगे तो एंट्री गेट पर ही डिजिटल मॉइस्चर मीटर से धान में नमी की जांच होगी। प्रशासन का कहना है कि इससे ज्यादा नमी वाले धान की पहचान पहले ही हो जाएगी और मंडियों में लगने वाली लंबी कतारों को कम किया जा सकेगा।
17 प्रतिशत नमी वाले धान की होगी खरीद
प्रशासन के मुताबिक, खरीद के लिए धान में नमी की सीमा 17 प्रतिशत तय है। किसानों से कहा गया है कि मंडी लाने से पहले धान को अच्छी तरह सुखा लें।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन ने नमी की सीमा बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कंबाइन से कटाई के बाद धान में नमी ज्यादा रहती है और उसे तुरंत सुखाना किसानों के लिए मुश्किल होता है। किसानों ने मंडियों में धान सुखाने की व्यवस्था की मांग भी की है।
मंडियों में किसानों के लिए इंतजाम
प्रशासन ने मंडियों में पीने के पानी, रोशनी, शेड, शौचालय और तिरपाल जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गांवों में किसानों को धान की नमी की तय सीमा के बारे में पहले से जानकारी भी दी जाएगी।
अब खरीद के दौरान किसानों के लिए सबसे अहम बात यही है कि मंडी पहुंचने से पहले धान की नमी 17 प्रतिशत या उससे कम हो।


