प्याज के बढ़ते दाम ने एक बार फिर आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 42 रुपये किलो पहुंच गई है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 45 फीसदी ज्यादा है, जबकि एक महीने में प्याज के दाम करीब 19 फीसदी बढ़े हैं। कुछ बड़े शहरों में तो प्याज 60 रुपये किलो से भी ज्यादा बिक रहा है।
बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार ने 24 अगस्त से ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुरू की है। इसके जरिए महाराष्ट्र के नासिक से प्याज की खेप दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे बड़े शहरों तक ट्रेन से भेजी जाएगी। इसका मकसद उन इलाकों से प्याज जल्दी पहुंचाना है, जहां स्टॉक उपलब्ध है, ताकि ज्यादा कीमत वाले शहरों में सप्लाई बढ़ाई जा सके।
क्यों बढ़ रहे हैं प्याज के दाम?
प्याज की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह उत्पादन में कमी और सप्लाई का कम होना बताई जा रही है। सप्लाई घटने के कारण कई शहरों में प्याज महंगा हो गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में प्याज करीब 65 रुपये किलो और चेन्नई में करीब 58 रुपये किलो तक बिक रहा है। प्याज रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जी है, इसलिए इसके दाम बढ़ने का सीधा असर घर के बजट पर पड़ता है।
सरकार बफर स्टॉक का प्याज भी बाजार में उतार सकती है
‘कांदा एक्सप्रेस’ के अलावा सरकार बफर स्टॉक में रखे प्याज को भी बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। बफर स्टॉक का इस्तेमाल आमतौर पर तब किया जाता है, जब प्याज की कीमतें अचानक बढ़ने लगती हैं।
सरकार का प्रयास है कि जिन शहरों में प्याज की कमी है, वहां स्टॉक पहुंचाकर कीमतों को नीचे लाया जाए।
किसानों से महंगे दाम पर प्याज खरीद रही सरकार
सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद को भी बढ़ाया है। जुलाई में प्याज का खरीद भाव 1,875 रुपये से बढ़ाकर 2,125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया था। यानी खरीद कीमत में करीब 13 फीसदी की बढ़ोतरी की गई।
इससे एक तरफ किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है, वहीं सरकार के पास जरूरत के समय बाजार में प्याज उतारने के लिए पर्याप्त स्टॉक भी रहेगा।
क्या ‘कांदा एक्सप्रेस’ से सस्ता होगा प्याज?
सरकार का मानना है कि रेल के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज को कम समय में उत्पादक राज्यों से उन शहरों तक पहुंचाया जा सकता है, जहां इसकी ज्यादा जरूरत है।
अगर मौजूदा तेजी की वजह सिर्फ कुछ समय के लिए सप्लाई की कमी है, तो ‘कांदा एक्सप्रेस’ और बफर स्टॉक से बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ सकती है। इससे आने वाले दिनों में प्याज की बढ़ती कीमतों पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।





