भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर भारत ने अपना रुख साफ कर दिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका जब भारत को दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले टैरिफ में बेहतर फायदा देने के लिए तैयार होगा, तभी इस ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया जाएगा।
गोयल ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर आयोजित एक वर्कशॉप में कहा कि भारत अमेरिका के साथ ऐसा समझौता चाहता है, जिससे देश के कारोबार और निर्यात को दूसरे देशों के मुकाबले नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर भारत ने अमेरिका के साथ अच्छी शर्तें तय की हैं।
अमेरिका से डील में क्या हुआ है?
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील को लेकर फरवरी 2026 में संयुक्त घोषणा हुई थी। इसके तहत अमेरिका ने भारत से होने वाले आयात पर लगाया गया अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ हटा दिया, जो रूस से भारत की तेल खरीद के कारण लगाया गया था।
इसके अलावा अमेरिका ने भारत पर लगने वाले 25 फीसदी बेस टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करने पर भी सहमति जताई। यानी भारत पर लगने वाला कुल प्रभावी टैरिफ 50 फीसदी के ऊंचे स्तर से घटकर 18 फीसदी रह गया।
हालांकि, यह समझौता अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। भारत चाहता है कि अमेरिका ऐसा ढांचा तैयार करे, जिससे भारतीय कंपनियों को वियतनाम, थाईलैंड, फिलीपींस, चीन, मलेशिया, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों के मुकाबले टैरिफ में साफ फायदा मिले।
खेती और डेयरी सेक्टर पर क्या असर होगा?
ट्रेड डील में भारत ने अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को फिलहाल सुरक्षित रखा है। वहीं, MSME, कपड़ा, जेम्स एंड ज्वेलरी, चमड़ा और समुद्री उत्पाद जैसे सेक्टरों को कम टैरिफ का फायदा मिलने की उम्मीद है।
समझौते के तहत भारत अमेरिका से कई तरह के औद्योगिक सामान और कुछ कृषि उत्पादों पर शुल्क कम या खत्म करने के लिए भी तैयार हुआ है। इनमें सोयाबीन तेल, फल, ड्राई फ्रूट्स, लाल ज्वार और अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं।
भारत का निर्यात भी बढ़ रहा
गोयल ने बताया कि अगस्त में भारत का माल निर्यात लगातार बढ़ रहा है। सरकार के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 21 अगस्त तक चालू वित्त वर्ष में भारत का माल निर्यात 200 अरब डॉलर के पार पहुंच गया था, जिसमें 15 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। सरकार का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में माल और सेवाओं को मिलाकर 1 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात हासिल करना है।
2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
गोयल ने जून तिमाही में भारत की 7.8 फीसदी GDP ग्रोथ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने उद्योग जगत से निर्यात के लिए बड़े लक्ष्य तय करने और मिलकर काम करने की अपील की।
सरकार का लक्ष्य भारत को 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। गोयल ने कहा कि इसके लिए भारत को सिर्फ घरेलू बाजार पर निर्भर रहने के बजाय दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी मजबूत जगह बनानी होगी।





