भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील को लेकर किसानों के हितों पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भरोसा दिलाया है कि इस समझौते में किसानों के किसी भी संवेदनशील हित से समझौता नहीं किया गया है। उनका कहना है कि जब डील की पूरी जानकारी सामने आएगी, तो देश के लोग इसका स्वागत करेंगे। गोयल के मुताबिक, इस समझौते से भारत को दूसरे देशों के मुकाबले व्यापार में फायदा मिल सकता है।
29 अक्टूबर को ISID-IDRA के राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए गोयल ने कहा कि व्यापार में सिर्फ कुल आयात-निर्यात के आंकड़े देखना जरूरी नहीं है, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि दूसरे देशों के मुकाबले भारत को कितना फायदा मिल रहा है।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर फिर शुरू हुई बातचीत
भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी को अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement यानी BTA) के लिए एक रूपरेखा का ऐलान किया था। लेकिन इसके बाद अमेरिका की व्यापार नीति में बदलाव आया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए कुछ जवाबी टैरिफ को रद्द कर दिया। इसके बाद दोनों देशों को समझौते पर बातचीत फिर से करनी पड़ी।
भारत चाहता है कि इस समझौते से उसके निर्यातकों को अमेरिका के बाजार में बांग्लादेश, वियतनाम, इंडोनेशिया और कंबोडिया जैसे देशों के मुकाबले बेहतर मौका मिले। साथ ही, भारत अपने कृषि क्षेत्र के उन हिस्सों को सुरक्षित रखना चाहता है, जिन पर विदेशी उत्पादों के आने से असर पड़ सकता है।
ट्रेड डील की आलोचना पर क्या बोले पीयूष गोयल?
गोयल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना करने वालों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समझौते की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, इसलिए इसकी आलोचना करना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस समझौते को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गोयल के मुताबिक, जब डील की शर्तें सामने आएंगी, तब पता चलेगा कि भारत को इससे कितना फायदा मिल सकता है।
हालांकि, अभी समझौते की पूरी शर्तें सार्वजनिक नहीं हुई हैं। इसलिए कृषि क्षेत्र और किसानों पर इसका वास्तविक असर क्या होगा, यह जानकारी सामने आने के बाद ही साफ हो सकेगा।
भारत के 8 अन्य व्यापार समझौतों का भी दिया उदाहरण
पीयूष गोयल ने भारत के दूसरे देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने हाल के वर्षों में आठ अन्य मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं और उनकी शर्तें सार्वजनिक होने के बाद भी उन्हें लेकर कोई बड़ी खामी सामने नहीं आई है।
इन समझौतों में मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ऑस्ट्रेलिया, ओमान, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA), ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए समझौते शामिल हैं।
गोयल का कहना है कि भारत ऐसे देशों के साथ व्यापार बढ़ाना चाहता है, जिनके साथ भारत के व्यापारिक हित एक-दूसरे के पूरक हों। इससे भारतीय कारोबारियों को नए बाजार मिल सकते हैं और देश की निर्यात क्षमता बढ़ सकती है।


