चीनी की कीमतों और बाजार में इसकी उपलब्धता पर नजर रखते हुए सरकार ने अक्टूबर की पहली छमाही के लिए घरेलू बिक्री का कोटा तय कर दिया है। 1 से 15 अक्टूबर 2026 तक चीनी मिलें घरेलू बाजार में 14 लाख मीट्रिक टन (LMT) चीनी बेच सकेंगी। सरकार समय-समय पर बिक्री का कोटा तय करती है, ताकि बाजार में चीनी की पर्याप्त सप्लाई बनी रहे और कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव न हो।
पखवाड़े के हिसाब से तीसरा कोटा
खाद्य मंत्रालय की ओर से जारी नए आवंटन के मुताबिक, यह सरकार का पखवाड़े के हिसाब से जारी किया गया तीसरा चीनी बिक्री कोटा है। इससे पहले चीनी मिलों के लिए पूरे महीने का एक ही कोटा तय किया जाता था। अब सरकार इसे दो हिस्सों में तय कर रही है।
सितंबर 2026 की पहली छमाही के लिए चीनी मिलों को 13 लाख टन का बिक्री कोटा दिया गया था। वहीं, दूसरी छमाही के लिए यह कोटा बढ़ाकर 13.50 लाख टन किया गया था।
पिछले साल कितना था कोटा?
अक्टूबर 2025 में सरकार ने घरेलू बाजार में बिक्री के लिए चीनी मिलों को 24 लाख टन का मासिक कोटा दिया था। अक्टूबर 2024 में यह कोटा 25.5 लाख टन था। वहीं, सितंबर 2025 के लिए घरेलू बिक्री का कोटा 23.5 लाख टन तय किया गया था।
अगस्त 2026 के लिए सरकार ने 22.50 लाख टन चीनी बिक्री का मासिक कोटा तय किया था, जो अगस्त 2025 के कोटे के बराबर था। जुलाई 2026 में यह कोटा 22 लाख टन था।
सरकार घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए समय-समय पर बिक्री कोटा तय करती है। इसका मकसद बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराना और कीमतों में अचानक तेज बढ़ोतरी या गिरावट को रोकना है।





