News Potli
एग्री बुलेटिन

IMD ने बागवानी फसलों को तेज हवाओं से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी

तेज हवाओं और ओलावृष्टि जैसे ख़राब मौसम का सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ता है. विशेष रूप से गेहूं, चना और मसूर जैसी खड़ी फसलों पर भारी बारिश का असर देखने को मिलता है. इसके अलावा बाग़वानी

Pooja Rai

Pooja Rai·19 Mar 2025· 3 min read

IMD ने बागवानी फसलों को तेज हवाओं से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी

IMD ने बागवानी फसलों को तेज हवाओं से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी

तेज हवाओं और ओलावृष्टि जैसे ख़राब मौसम का सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ता है. विशेष रूप से गेहूं, चना और मसूर जैसी खड़ी फसलों पर भारी बारिश का असर देखने को मिलता है. इसके अलावा बाग़वानी फसलों पर भी बुरा असर पड़ता है. आईएमडी के मुताबिक़ पूर्वी और मध्य भारत में 20 से 22 मार्च 2025 तक मौसम में बड़ा बदलाव होने की संभावना है. ऐसे में आईएमडी ने किसानों को बाग़वानी फसलों को ढकने के लिए जाली या तंबू का प्रयोग करने की सलाह दी है ताकि ओलावृष्टि से नुकसान कम हो सके.

मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश, तेज हवाएं, बिजली और बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि से गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. इस मौसम का असर खास तौर पर कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़े लोगों के जीवन पर देखने को मिल सकता है. ऐसे में किसानों की खड़ी फसलों और बागवानी को बर्बाद होने से बचाने के लिए IMD ने एडवाइजरी जारी की है, ताकि किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके.

बचाव के लिए क्या करें?
तेज हवाओं और बारिश के कारण बागवानी फसलों को भी नुकसान हो सकता है. आम, आमला, संतरा, और अन्य बागवानी फसलों को खासा नुकसान हो सकता है. तेज हवाओं से इन फसलों के पेड़ गिर सकते हैं और फल गिरने की संभावना बढ़ सकती है. इससे फसल का उत्पादन कम हो सकता है. बागवानी के पेड़ों को सुरक्षित करने के लिए मजबूत खंभों या अन्य सुरक्षा उपायों का उपयोग करें. यदि मुमकिन हो तो पेड़ों को अस्थायी ढंग से सहारा दें, ताकि वे तेज हवाओं से गिरने से बच सकें. फलदार पेड़ों के नीचे पानी को जमा होने से रोकने के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था करें.

ये भी पढ़ें - इन राज्यों में शुरू हो चुकी है गेहूं की सरकारी ख़रीद, MP में 175 रुपए तो राजस्थान 150 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहा Bonus

पशुओं के बचाव के लिए
आईएमडी के मुताबिक़ इस मौसम में बिजली गिरने की भी संभावना है, जो खेतों, बागों और खुले क्षेत्रों में विशेष खतरे का कारण बन सकती है. ऐसे में पशुओं को खुले में ना बांधें. इसके अलावा, गरज के साथ बारिश किसानों और स्थानीय निवासियों के लिए भी खतरे की घंटी हो सकती है. खुले स्थानों में काम करते समय सुरक्षा उपायों का ध्यान रखें. खेतों में काम करते समय सावधानी बरतें और बाढ़ के कारण जलजमाव से बचने के लिए अपने उपकरणों को सुरक्षित रखें.

ये देखें -

agriculture newshorticultureimd advisorykheti kisaniNews Potliखेती किसानी
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

Agribulletin
एग्री बुलेटिन

आलू किसानों को राहत से लेकर यूरिया की कीमत तक, इस हफ्ते की 6 बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में किसानों से जुड़ी कई अहम खबरें शामिल हैं। इसमें आलू किसानों को कोल्ड स्टोरेज शुल्क में राहत, यूरिया की कीमत, एथेनॉल उत्पादन, गन्ने में प्लासी बोरर का खतरा, मौसम का हाल और मक्का, गेहूं व तुअर के ताजा बाजार भाव की जानकारी मिलेगी।

News Potli·16 Aug 2026
Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें
एग्री बुलेटिन

Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में खेती-किसानी से जुड़ी कई अहम खबरों पर नजर डालेंगे। नकली बीज-खाद की शिकायत की हेल्पलाइन से लेकर Draft Seeds Bill 2025, भारत-अमेरिका की सोयाबीन रिसर्च, अरहर के T2T जीनोम और एथेनॉल नीति के अपडेट जानेंगे। साथ ही अलग-अलग राज्यों की किसान योजनाओं, मंडी भाव, फसल उत्पादन और मॉनसून की ताजा स्थिति की पूरी जानकारी मिलेगी।

Pooja Rai·09 Aug 2026
Agribulletin
एग्री बुलेटिन

MSP घोटाले से PM-Kisan तक, इस हफ्ते की 5 बड़ी कृषि खबरें Agri Bulletin में देखिए

इस हफ्ते के Agribulletin में कृषि जगत की बड़ी खबरें देखिए

Pooja Rai·02 Aug 2026