नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चालू धान खरीद सीजन में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर चावल खरीद का लगभग पूरा लक्ष्य हासिल कर लिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 4 अगस्त तक 571.14 लाख टन चावल की खरीद हो चुकी है, जो तय लक्ष्य का करीब 99 प्रतिशत है। यह पिछले साल इसी अवधि में खरीदे गए 542.85 लाख टन चावल की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक है।
रबी सीजन में खरीद ने पकड़ी रफ्तार
सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए खरीफ सीजन से 485.95 लाख टन और रबी सीजन से 89.57 लाख टन चावल खरीदने का लक्ष्य रखा था। खरीफ सीजन की खरीद पूरी हो चुकी है, जबकि रबी सीजन की खरीद 30 सितंबर तक जारी रहेगी। अब तक रबी सीजन में 86.71 लाख टन चावल खरीदा जा चुका है, जो पिछले साल के 73.45 लाख टन की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है।
तेलंगाना रहा सबसे आगे
रबी सीजन में सबसे ज्यादा 42.69 लाख टन चावल तेलंगाना से खरीदा गया है। इसके बाद तमिलनाडु (13.20 लाख टन), आंध्र प्रदेश (11.83 लाख टन) और ओडिशा (11.04 लाख टन) का स्थान रहा।
नई फसल से पहले गोदाम खाली करने की तैयारी
देश में नया धान विपणन सीजन अक्टूबर से शुरू होगा। ऐसे में नई फसल की खरीद शुरू होने से पहले सरकार को अपने गोदामों में जगह बनाने के लिए पुराने चावल का स्टॉक बाजार में जारी करना पड़ सकता है।
धान उत्पादन पर बारिश की रहेगी अहम भूमिका
इस बार देश में धान की बुवाई में केवल 2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगस्त और सितंबर में सामान्य बारिश होती है, तो धान उत्पादन में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।
इस साल उत्पादन बढ़ने का अनुमान
कृषि मंत्रालय के अनुसार, 2025-26 के खरीफ सीजन में 124.76 मिलियन टन चावल उत्पादन का अनुमान है, जो पिछले साल के 122.77 मिलियन टन से अधिक है। वहीं, रबी सीजन में 18.11 मिलियन टन और जायद सीजन में 11.16 मिलियन टन चावल उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है। इससे इस वर्ष देश में चावल का कुल उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।
ये भी देखें-





