News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. Economic Survey: वित्त वर्ष 2024 में कृषि और संबद्ध क्षेत्र का देश की जीडीपी में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान रहा
एग्री बुलेटिन

Economic Survey: वित्त वर्ष 2024 में कृषि और संबद्ध क्षेत्र का देश की जीडीपी में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान रहा

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक सर्वे(Economic Survey) पेश कर किया. इकोनॉमिक सर्वे हमेशा केंद्रीय बजट से एक दिन पहले यानी आमतौर पर 31 जनवरी को पेश किया जाता है. सर्वेक्षण

Pooja Rai

Pooja Rai·31 Jan 2025· 5 min read

Economic Survey: वित्त वर्ष 2024 में कृषि और संबद्ध क्षेत्र का देश की जीडीपी में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान रहा

Economic Survey: वित्त वर्ष 2024 में कृषि और संबद्ध क्षेत्र का देश की जीडीपी में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान रहा

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक सर्वे(Economic Survey) पेश कर किया. इकोनॉमिक सर्वे हमेशा केंद्रीय बजट से एक दिन पहले यानी आमतौर पर 31 जनवरी को पेश किया जाता है. सर्वेक्षण के अनुसार भारत की वित्त वर्ष 2026 की GDP ग्रोथ 6.3-6.8 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है. मौजूदा कीमतों पर FY24 के अनंतिम अनुमान के अनुसार, कृषि और संबंध क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान रहा.

आपको बता दें कि 2024-25 का आर्थिक सर्वेक्षण पिछले सर्वेक्षण से छह महीने की छोटी अवधि में आया है, जिसे आम चुनाव के बाद जुलाई 2024 में पेश किया गया था. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 22 जुलाई 2024 को संसद में 2023-2024 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण दस्तावेज पेश किया था.

आर्थिक सर्वेक्षण 2025 की मुख्य बातें-

भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर रहेगी
इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया है कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद वित्त वर्ष 2025 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत (राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार) दशकीय औसत के करीब बनी हुई है. सर्वेक्षण में कहा गया है कि कुल आपूर्ति के नजरिए से, वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में भी वित्त वर्ष 2025 में 6.4 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है.

सभी क्षेत्र विकास में योगदान दे रहे हैं
इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार सभी क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. सर्वे में कहा गया है कि कृषि क्षेत्र मजबूत बना हुआ है, जो लगातार रुझान के स्तर से ऊपर चल रहा है. इंडस्ट्रियल क्षेत्र ने भी महामारी से पहले की स्थिति से ऊपर अपनी स्थिति बना ली है. हाल के वर्षों में मजबूत विकास दर ने सेवा क्षेत्र को उसके रुझान के स्तर पर ला दिया है.

महंगाई धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है
इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया है कि खुदरा महंगाई वित्त वर्ष 2024 में 5.4 फीसदी से घटकर अप्रैल-दिसंबर 2024 में 4.9 प्रतिशत हो गई है. इसमें कहा गया है कि चुनौतियों के बावजूद भारत में महंगाई प्रबंधन के लिए सकारात्मक संकेत हैं. भारतीय रिजर्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का अनुमान है कि भारत की उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2026 में धीरे-धीरे लगभग 4 प्रतिशत के लक्ष्य के अनुरूप हो जाएगी.

स्थिर वित्तीय क्षेत्र
इकोनॉमिक सर्वे में वाणिज्यिक बैंकों की सकल गैर-निष्पादित आस्तियों (जीएनपीए) अनुपात में लगातार गिरावट पर प्रकाश डाला गया. सर्वेक्षण में कहा गया है कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का सकल गैर-निष्पादित आस्तियों का अनुपात वित्त वर्ष 18 में अपने चरम से लगातार गिरकर सितंबर 2024 के अंत में 2.6 फीसदी के निचले स्तर पर आ गया है.

वित्त वर्ष 2025 में एफडीआई में सुधार
इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में भारत का सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह फिर से बढ़ गया, जो वित्त वर्ष 2024 के पहले आठ महीनों में 47.2 बिलियन डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 की समान अवधि में 55.6 बिलियन डॉलर हो गया, जो कि पिछले साल की तुलना में 17.9 फीसदी की वृद्धि है.

कृषि और खाद्य प्रबंधन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें
कृषि और संबद्ध गतिविधियों के क्षेत्र को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए इकोनॉमिक सर्वे में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि यह क्षेत्र मौजूदा कीमतों पर वित्त वर्ष 24 (पीई) के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 16 फीसदी का योगदान देता है. आर्थिक सर्वेक्षण 2025 ने निर्यात क्षेत्र की लचीलापन पर प्रकाश डाला, जो वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हाल के वर्षों में लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है.

भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है, इसे संतुलित राजकोषीय सशक्तीकरण और स्थिर उपभोग का समर्थन प्राप्त है.

वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीतिक, विवेकपूर्ण नीति प्रबंधन और घरेलू बुनियादी सिद्धांतों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता होगी.

वैश्विक राजनीतिक, आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण मुद्रास्फीति का जोखिम बना हुआ है.

उच्च सार्वजनिक पूंजीगत व्यय और बेहतर होती कारोबारी अपेक्षाओं से निवेश गतिविधि में तेजी आने की उम्मीद.

भारत को जमीनी स्तर पर संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने की जरूरत है.

विदेशी मुद्रा भंडार 640.3 अरब डॉलर पर, जो 10.9 महीने के आयात और 90 प्रतिशत बाह्य ऋण को कवर करने के लिए पर्याप्त है.

कारोबारी सुगमता (ईओडीबी) 2.0 राज्य सरकार की अगुवाई वाली पहल होनी चाहिए, जो व्यवसाय करने में असुविधा की मूल समस्या को दूर करने पर केंद्रित हो.

भारत को निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना करना चाहिए. ऐसा करने का एक तरीका यह है कि हम अपना पैमाना अपने अतीत के बजाय बाकी दुनिया के हिसाब से बनाएं.

भारत को उच्च वृद्धि के लिए अगले दो दशक में बुनियादी ढांचे में निवेश को निरंतर बढ़ाने की जरूरत है.

गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे कुछ ही राज्य अपने लोगों के लिए उचित स्तर की आय उत्पन्न करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र पर अपनी उच्च निर्भरता का लाभ उठाने में सक्षम हैं.

सेवा-उन्मुख भारतीय अर्थव्यवस्था स्वचालन के प्रति संवेदनशील है, भारत के आकार और अपेक्षाकृत कम प्रति व्यक्ति आय को देखते हुए कृत्रिम मेधा (एआई) का प्रभाव अधिक है.

कॉरपोरेट क्षेत्र को उच्च स्तर की सामाजिक जिम्मेदारी दिखानी होगी.

जलवायु-प्रतिरोधी फसल किस्मों को विकसित करने, उपज बढ़ाने और फसल क्षति को कम करने के लिए दलहन, तिलहन, टमाटर, प्याज उत्पादन बढ़ाने के लिए शोध की जरूरत है.

भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लिए लगभग एक या दो दशक तक औसतन 8 फीसदी की दर से वृद्धि करनी होगी.

अपेक्षित वृद्धि हासिल करने के लिए निवेश को 31 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी करने की जरूरत है.

सुधारों और आर्थिक नीति का ध्यान अब व्यवस्थित विनियमन पर होना चाहिए.

विनिर्माण क्षेत्र को और विकसित करने तथा एआई, रोबोटिक्स और जैव प्रौद्योगिकी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में निवेश करने की जरूरत है.

आर्थिक सर्वेक्षण भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, सरकारी नीतियों और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए दृष्टिकोण का संकलन है. इसे मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) की अध्यक्षता वाले आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग द्वारा तैयार किया जाता है. वी. अनंथा नागेश्वरन भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं.

ये भी देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— Economic Survey: वित्त वर्ष 2024 में कृषि और संबद्ध क्षेत्र का देश की जीडीपी में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान रहा

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsbudget 2025economic surveykheti kisaniNews Potlinirmala sitharamanखेती किसानी
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

Agribulletin
एग्री बुलेटिन

आलू किसानों को राहत से लेकर यूरिया की कीमत तक, इस हफ्ते की 6 बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में किसानों से जुड़ी कई अहम खबरें शामिल हैं। इसमें आलू किसानों को कोल्ड स्टोरेज शुल्क में राहत, यूरिया की कीमत, एथेनॉल उत्पादन, गन्ने में प्लासी बोरर का खतरा, मौसम का हाल और मक्का, गेहूं व तुअर के ताजा बाजार भाव की जानकारी मिलेगी।

News Potli·16 Aug 2026
Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें
एग्री बुलेटिन

Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में खेती-किसानी से जुड़ी कई अहम खबरों पर नजर डालेंगे। नकली बीज-खाद की शिकायत की हेल्पलाइन से लेकर Draft Seeds Bill 2025, भारत-अमेरिका की सोयाबीन रिसर्च, अरहर के T2T जीनोम और एथेनॉल नीति के अपडेट जानेंगे। साथ ही अलग-अलग राज्यों की किसान योजनाओं, मंडी भाव, फसल उत्पादन और मॉनसून की ताजा स्थिति की पूरी जानकारी मिलेगी।

Pooja Rai·09 Aug 2026
Agribulletin
एग्री बुलेटिन

MSP घोटाले से PM-Kisan तक, इस हफ्ते की 5 बड़ी कृषि खबरें Agri Bulletin में देखिए

इस हफ्ते के Agribulletin में कृषि जगत की बड़ी खबरें देखिए

Pooja Rai·02 Aug 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs