चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है, लेकिन इससे हुई भारी बारिश का असर अब भी कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। ओडिशा के गंजाम जिले के पात्रापुर में पिछले 24 घंटों के दौरान 546 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सोरड़ा में 503 मिमी बारिश हुई। इस बीच, अंडमान सागर के दक्षिणी हिस्से में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके अगले 48 घंटों में डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने यह जानकारी दी है।
शाम तक और कमजोर होने की संभावना
IMD के मुताबिक, चक्रवात अर्नब का बचा हुआ हिस्सा 29 अक्टूबर की सुबह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर डिप्रेशन के रूप में मौजूद था। यह पिछले छह घंटों में करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा।
सुबह 8:30 बजे यह छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से करीब 40 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में केंद्रित था। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह उत्तर की ओर बढ़ता रहेगा और 29 अक्टूबर की शाम तक कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है।
ओडिशा में 546 मिमी बारिश, कई इलाकों में भारी नुकसान का खतरा
पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों और उत्तरी आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हुई। ओडिशा के गंजाम जिले के पात्रापुर में सबसे ज्यादा 546 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, गंजाम के सोरड़ा में 503 मिमी, कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि में 462 मिमी, गजपति जिले के महेंद्रगढ़ में 458 मिमी और गंजाम के सनाखेमुंडी में 388 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी ओडिशा में भी कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई। वहीं, तेलंगाना के उत्तर-पूर्वी हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
अंडमान सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र
चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने के बीच अंडमान सागर के दक्षिणी हिस्से में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बना है। IMD के मुताबिक, यह 29 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे तक उसी क्षेत्र में बना हुआ था।
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले 24 घंटों में मजबूत होकर स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। इसके बाद भी यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है और अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा आसपास के अंडमान-निकोबार क्षेत्र में डिप्रेशन का रूप ले सकता है।





