News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. प्राकृतिक खेती से सफलता की कहानी, बहराइच के जय सिंह बने केले की खेती के मिसाल
एग्री बुलेटिन

प्राकृतिक खेती से सफलता की कहानी, बहराइच के जय सिंह बने केले की खेती के मिसाल

यूपी के बहराइच के किसान जय सिंह 1983 से प्राकृतिक तरीकों से केले की खेती कर रहे हैं। वे गोबर की खाद, ढेंचा की ग्रीन मैन्यूरिंग और सोलराइजेशन तकनीक का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी उपजाऊ और कीटों से मुक

Pooja Rai

Pooja Rai·06 Oct 2025· 3 min read

प्राकृतिक खेती से सफलता की कहानी, बहराइच के जय सिंह बने केले की खेती के मिसाल

प्राकृतिक खेती से सफलता की कहानी, बहराइच के जय सिंह बने केले की खेती के मिसाल

यूपी के बहराइच के किसान जय सिंह 1983 से प्राकृतिक तरीकों से केले की खेती कर रहे हैं। वे गोबर की खाद, ढेंचा की ग्रीन मैन्यूरिंग और सोलराइजेशन तकनीक का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी उपजाऊ और कीटों से मुक्त रहती है। उनकी विधि से केले की फसल 75–80 दिनों में तैयार होती है और उपज बेहतर मिलती है। जय सिंह की तकनीक कम लागत, अधिक मुनाफा और पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण है।

प्रकृति के साथ कदम मिलाकर खेती करने वाले किसान जय सिंह ने यह साबित कर दिया है कि रासायनिक खादों और महंगे कीटनाशकों के बिना भी खेती लाभदायक हो सकती है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रहने वाले जय सिंह 1983 से केले की खेती कर रहे हैं और अब वे अपनी नवाचारपूर्ण तकनीकों के लिए पूरे प्रदेश में जाने जाते हैं। उनकी खेती का तरीका न केवल कम लागत वाला है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और उच्च उत्पादन देने वाला भी है।

ऊँची बेड पर पौधारोपण और शाम की रोपाई
जय सिंह केले के पौधे 4 से 6 इंच ऊँचे बेड पर पूर्व-पश्चिम दिशा में लगाते हैं। पौधों के बीच लगभग 5.75 फीट की दूरी रखी जाती है, जिससे धूप और हवा का संतुलन बना रहे। वे शाम के समय पौधारोपण और रात में सिंचाई की सलाह देते हैं ताकि पौधों को गर्मी से नुकसान न हो और झटका कम लगे।

गोबर की खाद से मिट्टी को बनाते हैं उपजाऊ
जय सिंह रासायनिक खादों की जगह गोबर की नमीदार खाद (FYM) का इस्तेमाल करते हैं। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों को प्राकृतिक पोषण मिलता है। वे ढेंचा (सन हेम्प) की ग्रीन मैन्यूरिंग भी करते हैं, जिससे मिट्टी में नाइट्रोजन और जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है।

75–80 दिनों में तैयार होती है फसल
जय सिंह बताते हैं कि 15 मई के बाद फूलने वाले केले के गुच्छे आमतौर पर A ग्रेड के होते हैं, जिनकी लंबाई 19 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा होती है। उनकी फसल लगभग 75 से 80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है।

कीट नियंत्रण के लिए प्राकृतिक उपाय
केला बीटल (Banana Weevil) से बचाव के लिए वे मार्च से जून के बीच 1 मिली लीटर फोलियर स्प्रे प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करने की सलाह देते हैं। यह प्रक्रिया नीचे के सकर काटने के बाद की जाती है ताकि पौधे स्वस्थ रहें।

सोलराइजेशन से मिट्टी की सफाई
जय सिंह सोलराइजेशन तकनीक अपनाते हैं, जिसमें खेत की मिट्टी को धूप में खुला छोड़कर हानिकारक जीवाणुओं और कीटों को खत्म किया जाता है। वे गहरी जुताई, साफ-सुथरा खेत और सही दूरी पर पौधे लगाने पर विशेष ध्यान देते हैं।

टिकाऊ खेती की मिसाल
जय सिंह की प्राकृतिक और वैज्ञानिक खेती की पद्धति ने उन्हें न केवल प्रदेश का अग्रणी किसान बनाया है, बल्कि उनकी तकनीक आज सतत और लाभदायक केले की खेती के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुकी है।

वीडियो देखिए -

News Potli.
Clip & Share
“

— प्राकृतिक खेती से सफलता की कहानी, बहराइच के जय सिंह बने केले की खेती के मिसाल

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsBahraichbanana cropbanana farmerjay singhkheti kisaninatural farmingNews Potliuttar pradeshखेती किसानी
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

Agribulletin
एग्री बुलेटिन

आलू किसानों को राहत से लेकर यूरिया की कीमत तक, इस हफ्ते की 6 बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में किसानों से जुड़ी कई अहम खबरें शामिल हैं। इसमें आलू किसानों को कोल्ड स्टोरेज शुल्क में राहत, यूरिया की कीमत, एथेनॉल उत्पादन, गन्ने में प्लासी बोरर का खतरा, मौसम का हाल और मक्का, गेहूं व तुअर के ताजा बाजार भाव की जानकारी मिलेगी।

News Potli·16 Aug 2026
Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें
एग्री बुलेटिन

Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में खेती-किसानी से जुड़ी कई अहम खबरों पर नजर डालेंगे। नकली बीज-खाद की शिकायत की हेल्पलाइन से लेकर Draft Seeds Bill 2025, भारत-अमेरिका की सोयाबीन रिसर्च, अरहर के T2T जीनोम और एथेनॉल नीति के अपडेट जानेंगे। साथ ही अलग-अलग राज्यों की किसान योजनाओं, मंडी भाव, फसल उत्पादन और मॉनसून की ताजा स्थिति की पूरी जानकारी मिलेगी।

Pooja Rai·09 Aug 2026
Agribulletin
एग्री बुलेटिन

MSP घोटाले से PM-Kisan तक, इस हफ्ते की 5 बड़ी कृषि खबरें Agri Bulletin में देखिए

इस हफ्ते के Agribulletin में कृषि जगत की बड़ी खबरें देखिए

Pooja Rai·02 Aug 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs